बरगदवा के श्यामराजी हाई स्कूल का एक अमानवीय कृत्य सामने आया है, जिसमें फीस जमा न करने पर बच्चों को धूप में बैठाने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से स्कूल प्रशासन की तीखी आलोचना हो रही है। मंगलवार को जब बच्चे स्कूल पहुंचे, तो स्कूल के प्रबंधक ने उन्हें धूप में मुख्य गेट के बाहर बैठने को कहा और इस दौरान उनका वीडियो बनाकर उनके अभिभावकों को भेज दिया।
शर्म से बच्चों ने छिपाया चेहरा
वीडियो में देखा गया कि जब प्रबंधक ने फीस न देने वाले बच्चों का वीडियो बनाया, तो बच्चे शर्म से अपने चेहरे छिपाते नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होते ही लोगों में आक्रोश फैल गया। लोग स्कूल प्रबंधक के इस अमानवीय रवैये की कड़ी निंदा कर रहे हैं। बच्चों को धूप में बैठाने की इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
सोशल मीडिया पर निंदा की लहर
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर लोगों ने गुस्सा जाहिर किया है। बच्चों को धूप में बैठाना और इस तरह से उनका वीडियो बनाना लोगों को बिल्कुल भी उचित नहीं लगा। इस घटना के बाद से स्कूल प्रबंधक की कड़ी आलोचना हो रही है, और हर कोई इस कृत्य की निंदा कर रहा है।
प्रबंधक का पक्ष
स्कूल प्रबंधक शैलेश त्रिपाठी ने अपने बचाव में कहा कि उन्होंने सोमवार को फीस न जमा करने वाले बच्चों को स्कूल में आने से मना कर दिया था, लेकिन वे मंगलवार को फिर से स्कूल आ गए। जब उनसे फीस जमा करने के लिए कहा गया, तो उनका जवाब नकारात्मक था। इसके बाद प्रबंधक ने बच्चों को केवल दो मिनट के लिए बाहर बैठाकर वीडियो बनाकर उनके अभिभावकों को भेजा, ताकि वे फीस जमा करें। हालांकि, इस वीडियो को किसी अभिभावक ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
प्रशासन ने दी कार्रवाई की चेतावनी
इस घटना पर जिला विद्यालय निरीक्षक सोमारू प्रधान ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है और इसकी जांच कराई जाएगी। अगर जांच में स्कूल प्रबंधक दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने शिक्षा प्रणाली और स्कूलों में फीस के मुद्दे पर एक गंभीर बहस छेड़ दी है। ऐसे अमानवीय तरीकों का प्रयोग बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत पर गहरा असर डाल सकता है, जिसे लेकर समाज में गहरी चिंता जताई जा रही है।