Explainer: गोपालगंज से मुंबई तक, क्या है बाबा सिद्दीकी का बिहार कनेक्शन?

मुंबई: शनिवार की शाम मुंबई में तीन बंदूकधारियों द्वारा की गई ताबड़तोड़ फायरिंग में महाराष्ट्र के जाने-माने राजनेता बाबा सिद्दीकी की हत्या ने सियासी और बॉलीवुड जगत को गहरे सदमे में डाल दिया। बाबा सिद्दीकी न सिर्फ एक प्रभावशाली नेता थे, बल्कि उनके बॉलीवुड से भी गहरे रिश्ते थे। सलमान खान और संजय दत्त जैसे सुपरस्टार्स के साथ उनकी करीबी का हर कोई गवाह था। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि बाबा सिद्दीकी का बिहार से गहरा नाता था।
गोपालगंज से मुंबई का सफर
बाबा सिद्दीकी का जन्म बिहार के गोपालगंज जिले के शेख टोली गांव में हुआ था। 5 साल की उम्र में, वे अपने पिता के साथ मुंबई चले गए, जहां उनके पिता अब्दुल रहीम सिद्दीकी घड़ी बनाने का काम करते थे। हालांकि उन्होंने अपनी ज़िंदगी का ज्यादातर हिस्सा मुंबई में बिताया और यहीं पर नाम और शोहरत कमाई, लेकिन वे अपने पुश्तैनी घर और बिहार की जड़ों को कभी नहीं भूले।
2018 में अपने गांव लौटे
बाबा सिद्दीकी ने मुंबई में जबरदस्त सफलता हासिल करने के बाद 2018 में अपने पुश्तैनी घर, शेख टोली गांव का दौरा किया। गांव में उन्होंने कहा था कि वे अपने गांव और अपनी जड़ों को कभी नहीं भूल सकते। उनकी इस यात्रा ने गांववासियों के दिलों में गर्व और खुशी की लहर दौड़ा दी थी। लेकिन उनकी अचानक हुई मौत से अब गोपालगंज में भी शोक का माहौल है।
राजनीति में 1977 से कदम
बाबा सिद्दीकी के राजनीतिक सफर की शुरुआत 1977 में एक छात्र नेता के रूप में हुई थी। वे मुंबई के बीएमसी में कॉरपोरेटर चुने गए और फिर धीरे-धीरे महाराष्ट्र की सियासत में बड़ी भूमिका निभाने लगे। कांग्रेस के टिकट पर 1999, 2004 और 2009 में बांद्रा पश्चिम से विधायक चुने गए। इसके अलावा, 2004 से 2008 तक वे राज्य मंत्री के रूप में भी कार्यरत रहे।
बॉलीवुड से करीबी रिश्ते
बाबा सिद्दीकी का बॉलीवुड से खास रिश्ता था। सलमान खान और संजय दत्त जैसे बड़े सितारों ने उन्हें अपना करीबी दोस्त माना। उनकी मौत की खबर सुनते ही सलमान खान अपने शो ‘बिग बॉस’ की शूटिंग छोड़कर लीलावती अस्पताल पहुंचे। संजय दत्त और शिल्पा शेट्टी जैसी हस्तियां भी अस्पताल में मौजूद थीं।
सियासी और फिल्मी दुनिया में शोक
बाबा सिद्दीकी की हत्या से न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में भी शोक की लहर है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दोनों डिप्टी सीएम भी अस्पताल पहुंचे। सभी की जुबान पर एक ही सवाल था, “बाबा सिद्दीकी का दुश्मन कौन हो सकता है?”
बिहार से लेकर मुंबई तक बाबा सिद्दीकी की हत्या से गम का माहौल है। उनका जाना सिर्फ महाराष्ट्र की राजनीति के लिए नहीं, बल्कि उनके चाहने वालों और उन लोगों के लिए भी एक बड़ी क्षति है, जो उन्हें हमेशा मुश्किल समय में साथ खड़ा पाया करते थे।



