नई दिल्ली: ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने अपने पूर्व साथी पहलवानों विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साक्षी ने दावा किया कि एशियाई खेलों के ट्रायल्स से छूट लेने के फैसले ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों के आंदोलन की छवि को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से ऐसा प्रतीत हुआ कि उनका आंदोलन स्वार्थपूर्ण था।
साक्षी, जो विरोध प्रदर्शन के प्रमुख चेहरों में से एक थीं, ने हाल ही में अपनी किताब ‘विटनेस’ में अपने करियर के संघर्षों के बारे में लिखा है। उन्होंने दावा किया कि विनेश और बजरंग के करीबी लोगों ने उनके दिमाग में लालच पैदा किया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन में दरार आ गई।
विनेश और बजरंग का जवाब
हालांकि, विनेश फोगाट ने इन आरोपों का सीधे तौर पर जवाब नहीं दिया, लेकिन उनकी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ को साक्षी के बयानों से जोड़कर देखा जा रहा है। साक्षी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता बबीता फोगाट, जो खुद को पहलवानों की शुभचिंतक बताती थीं, ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ साजिश रची थी और खुद कुश्ती फेडरेशन की चेयरपर्सन बनना चाहती थीं।
एशियाई खेलों के ट्रायल्स में छूट का विवाद
डब्ल्यूएफआई (भारतीय कुश्ती महासंघ) के निलंबन के बाद तदर्थ समिति ने कुश्ती का कामकाज संभाला, जिसने बजरंग और विनेश को 2023 एशियाई खेलों के ट्रायल्स में छूट दी थी। साक्षी ने अपने साथियों के सुझाव के बावजूद ट्रायल्स से छूट लेने से इनकार कर दिया था। उनका मानना है कि इस फैसले से आंदोलन की दिशा बदल गई।
राजनीति में एंट्री
विनेश और बजरंग ने हरियाणा विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली थी। विनेश को जुलाना क्षेत्र से कांग्रेस का टिकट मिला था, जहां से वे विधायक चुनी गई हैं, जबकि बजरंग को कांग्रेस ने अपने किसान प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय प्रमुख बनाया है।
इस विवाद ने कुश्ती जगत में हलचल मचा दी है, और साक्षी के इन आरोपों के बाद विनेश और बजरंग की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।