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अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, 5 महीने बाद तिहाड़ जेल से होंगे रिहा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। लगभग 5 महीने तिहाड़ जेल में बिताने के बाद अब उन्हें जमानत मिल गई है। दिल्ली की विवादित शराब नीति मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। तिहाड़ जेल के अधिकारियों के अनुसार, उनके रिलीज ऑर्डर आने के लगभग 1 घंटे के भीतर वह जेल से बाहर आ जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें अंतरिम जमानत दी थी, लेकिन रिहाई से पहले ही सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। अब, कोर्ट के आदेश के बाद केजरीवाल जल्द ही तिहाड़ जेल से बाहर होंगे।

केजरीवाल की रिहाई का हरियाणा चुनाव पर प्रभाव

दिल्ली से सटे हरियाणा राज्य में 5 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, और आम आदमी पार्टी ने हरियाणा में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होने के बावजूद, केजरीवाल की रिहाई से आम आदमी पार्टी के प्रचार में नया जोश आ सकता है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि इससे बीजेपी को नुकसान कम और कांग्रेस को ज्यादा होगा, क्योंकि बीजेपी विरोधी वोट अब कांग्रेस और आप में बंट सकते हैं।
केजरीवाल की रिहाई के बाद आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार में तेजी आने की संभावना है, जिसका असर हरियाणा विधानसभा चुनावों पर भी देखने को मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने रखा था फैसला सुरक्षित

अरविंद केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी और जमानत से इनकार किए जाने को चुनौती देते हुए दो अलग-अलग याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की थीं। उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में तर्क दिया कि केजरीवाल को बिना किसी ठोस आधार के गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने 2 साल तक गिरफ्तारी नहीं की, लेकिन अचानक उनकी रिहाई रोकने के लिए “बीमा गिरफ्तारी” कर ली। सिंघवी ने अदालत को बताया कि केजरीवाल ने जांच में सहयोग किया और वह ट्रिपल टेस्ट को पूरा करते हैं, इसलिए उन्हें जमानत मिलनी चाहिए।

सीबीआई ने क्यों किया जमानत का विरोध?

सीबीआई ने अदालत में कहा कि केजरीवाल की रिहाई से गवाहों पर दबाव पड़ सकता है और वे अपने बयान से पलट सकते हैं। एएसजी एसवी राजू ने दलील दी कि गोवा विधानसभा चुनाव के बाद कई उम्मीदवारों ने केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद ही बयान दिया। उन्होंने कहा, “यदि केजरीवाल को जमानत पर रिहा किया गया, तो गवाह अपने बयान बदल सकते हैं।”

केजरीवाल के साथ अन्य नेताओं को भी मिली जमानत

इस मामले में केजरीवाल से पहले दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और बीआरएस नेता के. कविता को भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अब केजरीवाल को भी जमानत मिल गई है, जिससे आम आदमी पार्टी को चुनावी मोर्चे पर बल मिलने की उम्मीद है।
अरविंद केजरीवाल की जमानत और तिहाड़ जेल से रिहाई न सिर्फ दिल्ली, बल्कि हरियाणा के चुनावी माहौल पर भी असर डाल सकती है। आने वाले चुनावों में केजरीवाल की रिहाई आम आदमी पार्टी के लिए नई ऊर्जा का स्रोत बन सकती है। अब देखना होगा कि उनकी रिहाई का आगामी चुनावों पर क्या प्रभाव पड़ता है।

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