उत्तर प्रदेश को जल्द ही एक और जिला मिल सकता है, जिससे राज्य में जिलों की कुल संख्या 76 हो जाएगी। फरेंदा को नया जिला बनाने की योजना पर विचार हो रहा है। इस संबंध में गोरखपुर के मंडलायुक्त से रिपोर्ट मांगी गई है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो महराजगंज की तहसील फरेंदा और नौतनवा, साथ ही गोरखपुर की तहसील कैंपियरगंज को मिलाकर नया जिला ‘फरेंदा’ बनाया जाएगा।
रिपोर्ट की मांग और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
राजस्व परिषद के आयुक्त और सचिव ने गोरखपुर के डीएम को एक पत्र भेजा है, जिसमें फरेंदा को जिला बनाने के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। गोरखपुर के मंडलायुक्त के जरिए यह रिपोर्ट राजस्व परिषद को भेजी जानी है। हालांकि, फिलहाल शासन स्तर पर नया जिला बनाने का कोई औपचारिक प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
स्थानीय प्रशासन का असंतोष
महराजगंज जिला प्रशासन ने इस प्रस्ताव पर असहमति व्यक्त की है। उनका तर्क है कि फरेंदा के अलग होने से महराजगंज में सिर्फ दो तहसीलें (महराजगंज सदर और निचलौल) बचेंगी, जो कि शासन के नियमों के अनुरूप नहीं है। राज्य में एक जिले में कम से कम तीन तहसीलें होनी चाहिए।
विरोध के बावजूद उम्मीदें
हालांकि, प्रशासनिक दिक्कतों के बावजूद, नए जिले के गठन की प्रक्रिया पर निगाहें टिकी हुई हैं। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो गोरखपुर मंडल में एक नया प्रशासनिक केंद्र उभरेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास और प्रशासन में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
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