अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में लखनऊ के प्रोफेसर का जलवा, “बेस्ट टीचर 2026” से सम्मानित
एआई शिक्षा पर गूंजे नए विचार, डॉ. अब्दुल मलिक बने चर्चा के केंद्र

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
प्रबंधन शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (MERI), नई दिल्ली में आयोजित 17वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में “शिक्षा एवं अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता” विषय पर गहन मंथन हुआ। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय संगठित अनुसंधान संस्थान द्वारा सेंटर फॉर स्मार्ट मॉडर्न कंस्ट्रक्शन, Western Sydney University, GIER India, MERI कॉलेज तथा Kyrotics के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अमित कुमार एवं विशिष्ट अतिथि आकांक्षा सैनी रहीं। उद्घाटन संबोधन इंजीनियर तनवीर सिंह ने प्रस्तुत किया, जबकि मुख्य वक्तव्य आई.पी. अग्रवाल द्वारा दिया गया। सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने शिक्षा के बदलते स्वरूप और तकनीकी हस्तक्षेप पर अपने विचार साझा किए।
इस आयोजन का सबसे प्रमुख आकर्षण “कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षा” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा रही, जिसमें डॉ. अब्दुल मलिक ने बतौर पैनलिस्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह स्टेट तकमील-उत-तिब कॉलेज एवं अस्पताल, लखनऊ के शरीर रचना विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।
डॉ. मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पारंपरिक शिक्षा प्रणाली में बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने व्यक्तिगत शिक्षण (पर्सनलाइज्ड लर्निंग) को भविष्य की शिक्षा का आधार बताते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता छात्रों को उनकी क्षमता, गति और समझ के अनुरूप सीखने में मदद करती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एआई के उपयोग के साथ सावधानी भी आवश्यक है। छात्रों को यह समझना चाहिए कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता कभी-कभी त्रुटिपूर्ण, पक्षपातपूर्ण या अपूर्ण जानकारी दे सकती है। इसलिए इसके नैतिक उपयोग, सही संदर्भ देने की विधि और दुरुपयोग की पहचान के बारे में जागरूकता जरूरी है।
डॉ. मलिक के विचारों को सम्मेलन में उपस्थित शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने सराहा। शिक्षा के क्षेत्र में एआई के संतुलित और जिम्मेदार उपयोग पर उनका जोर विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया।
इस अवसर पर डॉ. अब्दुल मलिक को पैनलिस्ट के रूप में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। साथ ही उन्हें “आईआरएसडी वर्ष 2026 के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक” सम्मान से भी सम्मानित किया गया, जो उनके शैक्षणिक योगदान और उत्कृष्ट शिक्षण के प्रति समर्पण का प्रमाण है।
तकनीकी सत्र में डॉ. मोहम्मद अरफात (जेएनएमसीएच, अलीगढ़), सुश्री तैय्यबा (जामिया हमदर्द, नई दिल्ली) और सुश्री प्रिया (चेन्नई) ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों में आधुनिक शिक्षा, चिकित्सा अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. दीप शिखा कालरा, डीन, MERI कॉलेज, नई दिल्ली द्वारा किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए सम्मेलन को अत्यंत सफल बताया।



