SEBI–FIU समझौते से मनी लॉन्ड्रिंग पर कड़ा प्रहार, बाजार में बढ़ेगी पारदर्शिता
सिक्योरिटी मार्केट में धोखाधड़ी पर लगेगा अंकुश, SEBI और FIU-India साथ आए

(निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क)
। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने वित्त मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत वित्तीय खुफिया इकाई भारत (FIU-India) के साथ 15 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से किया गया है।
यह MoU “प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002” के तहत नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दोनों संस्थाओं के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा। इसके साथ ही इसमें एग्मोंट ग्रुप के सूचना आदान-प्रदान सिद्धांतों को भी शामिल किया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
समझौते पर FIU-India के निदेशक अमित मोहन गोविल और SEBI के पूर्णकालिक सदस्य संदीप प्रधान ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि SEBI और FIU-India के बीच नियमित रूप से डेटा और सूचनाओं का आदान-प्रदान संभव हो सकेगा। इससे शेयर बाजार में होने वाली धोखाधड़ी, संदिग्ध लेनदेन और अवैध गतिविधियों की पहचान तेजी से की जा सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का सहयोग निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे बाजार में विश्वास बढ़ेगा और निवेशकों को एक सुरक्षित एवं पारदर्शी वातावरण मिलेगा।
सरकार द्वारा वित्तीय अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की दिशा में यह MoU एक अहम पहल माना जा रहा है। इससे न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की वित्तीय प्रणाली की विश्वसनीयता मजबूत होगी।
यह समझौता 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।



