विकास नगर अग्निकांड में इंसानियत की लौ, सहयोग विकास समिति बनी सहारा
आग से उजड़े आशियानों के बीच राहत की बारिश, लखनऊ में सेवा की मिसाल

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
। लखनऊ के विकास नगर क्षेत्र में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड ने सैकड़ों परिवारों की जिंदगी को झकझोर कर रख दिया। झुग्गी-बस्तियों में लगी इस भयावह आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया, जिससे कई लोगों की जान चली गई और हजारों लोग बेघर हो गए। एलपीजी सिलेंडर के विस्फोट ने स्थिति को और भयावह बना दिया, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी कठिनाइयां बढ़ गईं।
इस संकट की घड़ी में जहां हर ओर दर्द और बेबसी का माहौल था, वहीं सामाजिक संस्था सहयोग विकास समिति ने आगे बढ़कर मानवता की मिसाल पेश की। संस्था के सदस्यों ने घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की और राहत कार्यों को संगठित रूप से संचालित किया।
संस्था के प्रदेश अध्यक्ष धीरज गिहार के नेतृत्व में एक टीम ने प्रभावित इलाके में जाकर भोजन, राशन, पेयजल, फल, कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया। राहत कार्यों में डॉ. रुबी राज सिन्हा, डॉ. राकेश रमन, डॉ. आर. आर. जैसवार (लोकपाल), सूरज कुमार निषाद, महासचिव सुरेंद्र कुमार सैनी, प्रशांत प्रवीण सिन्हा, राजेंद्र कुमार, कविता सैनी, कृष्ण कुमार वर्मा, सरदार जसवंत सिंह, विनय कुमार सहित कई समर्पित कार्यकर्ता सक्रिय रूप से शामिल रहे।
राहत वितरण के दौरान पीड़ित परिवारों के चेहरे पर थोड़ी राहत और उम्मीद की झलक देखने को मिली। संस्था के सदस्यों ने न केवल जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई, बल्कि लोगों को मानसिक रूप से भी मजबूत करने का प्रयास किया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष धीरज गिहार ने कहा कि “विपत्ति की इस घड़ी में हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आए। मानवता, सहयोग और संवेदना ही समाज की असली ताकत हैं। अगर हम सब मिलकर प्रयास करें, तो किसी भी संकट को कम किया जा सकता है।”
स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में संगठनों की सक्रियता ही पीड़ितों को नई जिंदगी की ओर बढ़ने का साहस देती है।
गौरतलब है कि इस अग्निकांड के बाद शहर के विभिन्न वर्गों के लोग और कई सामाजिक संस्थाएं लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। हर कोई अपने-अपने स्तर पर पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रहा है, जिससे यह साबित होता है कि मुश्किल समय में एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
यह घटना जहां एक ओर दर्दनाक है, वहीं दूसरी ओर यह भी दिखाती है कि समाज में आज भी संवेदनशीलता और सहयोग की भावना जीवित है। सहयोग विकास समिति और अन्य संगठनों के प्रयास पीड़ित परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरे हैं।



