MSP खरीद में बड़ा उछाल, छत्तीसगढ़ में 12,000 MT पार
बिहार में पहली बार संगठित दलहन खरीद, किसानों को बड़ा फायदा

निश्चय टाइम्स | न्यूज डेस्क
भारत सरकार ने किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आधारित खरीद प्रणाली को और सशक्त किया है। National Cooperative Consumers Federation of India Limited और National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India Limited की सक्रिय भूमिका के साथ छत्तीसगढ़ में खरीद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ी है, वहीं बिहार में पहली बार संगठित रूप से दलहन खरीद की शुरुआत हुई है।
बिहार में आत्मनिर्भर दलहन मिशन के तहत मसूर की संगठित खरीद एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। 32,000 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 100.4 मीट्रिक टन की खरीद पूरी हो चुकी है। इस प्रक्रिया में 16 PACS/FPO को जोड़ा गया है और 59 किसानों को ऑनबोर्ड किया गया है। यह पहल वैज्ञानिक भंडारण प्रणाली के तहत WDRA-अनुमोदित गोदामों के जरिए संचालित की जा रही है।
दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में ई-संयुक्ति पोर्टल और विस्तारित PACS नेटवर्क के कारण किसानों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य में 85 केंद्रों के जरिए खरीद अभियान चल रहा है और इसे और जिलों तक विस्तार देने की तैयारी है।
NCCF के तहत 22 अप्रैल 2026 तक चना और मसूर की कुल खरीद 9,000 मीट्रिक टन से अधिक रही, जबकि NAFED ने 3,800 मीट्रिक टन से ज्यादा चना और 100 मीट्रिक टन से अधिक मसूर की खरीद दर्ज की है। हजारों किसानों को इसका सीधा लाभ मिला है।
सरकार की इन पहलों से न केवल MSP प्रणाली मजबूत हो रही है, बल्कि किसानों को उचित मूल्य, पारदर्शिता और बाजार तक सीधी पहुंच भी मिल रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और सहकारी समितियों के जरिए यह अभियान और अधिक प्रभावी बन रहा है।
यह कदम आत्मनिर्भर भारत मिशन को गति देने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा और मूल्य स्थिरता को भी सुनिश्चित करेगा।

