बिज़नेस

मार्च 2026 में भारत का विदेशी निवेश उछला, 7,000 मिलियन डॉलर पार

गारंटी सेगमेंट ने दिखाई दमदार बढ़त, OFDI में तेज़ी का संकेत

(निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क)

। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के विदेशी विनिमय विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 में भारत का आउटवर्ड फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (OFDI) उल्लेखनीय रूप से बढ़कर 7061.60 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। यह फरवरी 2026 के 2965.77 मिलियन डॉलर की तुलना में दोगुने से अधिक वृद्धि को दर्शाता है, जो भारतीय कंपनियों की वैश्विक विस्तार रणनीति को मजबूत संकेत देता है।

जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में इक्विटी निवेश 1457.89 मिलियन डॉलर रहा, जो फरवरी के 1146.38 मिलियन डॉलर से अधिक है। वहीं, लोन के रूप में निवेश 691.95 मिलियन डॉलर दर्ज किया गया, जो फरवरी के 741.16 मिलियन डॉलर से थोड़ा कम रहा।

सबसे उल्लेखनीय वृद्धि “गारंटी जारी” श्रेणी में देखने को मिली, जो मार्च 2026 में 4911.76 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई। यह फरवरी 2026 के 1078.23 मिलियन डॉलर की तुलना में कई गुना अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि भारतीय कंपनियों द्वारा विदेशी परियोजनाओं में भरोसे और जोखिम लेने की क्षमता को दर्शाती है।

यदि पिछले वर्ष मार्च 2025 के आंकड़ों से तुलना की जाए, तो कुल वित्तीय प्रतिबद्धता 5539.75 मिलियन डॉलर से बढ़कर 7061.60 मिलियन डॉलर हो गई है, जो सालाना आधार पर भी मजबूत वृद्धि का संकेत है। हालांकि इक्विटी और लोन श्रेणी में कुछ गिरावट देखी गई है, लेकिन गारंटी के क्षेत्र में जबरदस्त उछाल ने कुल निवेश को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह रुझान भारतीय कंपनियों के बढ़ते वैश्विक आत्मविश्वास और विदेशी बाजारों में विस्तार की रणनीति को दर्शाता है। खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।

रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ये आंकड़े अस्थायी (प्रोविजनल) हैं और अधिकृत डीलर (AD) बैंकों द्वारा ऑनलाइन रिपोर्टिंग के आधार पर तैयार किए गए हैं, जिनमें आगे संशोधन संभव है।

Related Articles

Back to top button