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तमिलनाडु-बंगाल चुनाव: EVM-VVPAT की कमीशनिंग शुरू

पारदर्शिता पर जोर, मॉक पोल और रैंडमाइजेशन से बढ़ा भरोसा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |

Election Commission of India ने 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत एक अहम चरण की शुरुआत कर दी है। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल (फेज-1) के लिए EVM और VVPAT मशीनों की कमीशनिंग प्रक्रिया 16 अप्रैल 2026 से शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया उन निर्वाचन क्षेत्रों में की जा रही है, जहां 23 अप्रैल को मतदान होना है।

कमीशनिंग की यह प्रक्रिया उम्मीदवारों, उनके अधिकृत प्रतिनिधियों और सामान्य प्रेक्षकों (General Observers) की मौजूदगी में कराई जा रही है, ताकि पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। इस दौरान मशीनों की कार्यक्षमता और सटीकता की जांच की जाती है।

कमीशनिंग के बाद 5 प्रतिशत EVM मशीनों में मॉक पोल कराया जाएगा, जिसमें 1000 वोट डाले जाएंगे। खास बात यह है कि इस मॉक पोल को उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि स्वयं भी कर सकते हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया में भरोसा और अधिक मजबूत होता है।

इससे पहले EVM और VVPAT मशीनों का दो चरणों में रैंडमाइजेशन किया गया। पहले चरण में जिला स्तर के गोदामों से विधानसभा क्षेत्रों को मशीनें आवंटित की गईं, जबकि दूसरे चरण में इन्हें विधानसभा क्षेत्र से पोलिंग स्टेशनों तक बांटा गया। यह पूरी प्रक्रिया EVM मैनेजमेंट सिस्टम (EMS) के जरिए और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी की गई।

आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु में कुल 75,064 और पश्चिम बंगाल (फेज-1) में 44,378 पोलिंग स्टेशन 23 अप्रैल को मतदान के लिए तैयार हैं। दोनों चरणों की रैंडमाइजेशन सूची सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों तथा उम्मीदवारों के साथ साझा की गई है।

कमीशनिंग के बाद सभी मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा गया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन सभी प्रक्रियाओं का उद्देश्य निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव सुनिश्चित करना है, जिससे लोकतंत्र में जनता का विश्वास और मजबूत हो सके।

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