हेल्थ

“वैक्सीन से उम्मीद, फंडिंग की कमी से चुनौती—WHO की चेतावनी: अभी नहीं जागे तो बढ़ेगा संकट”

“मलेरिया के खिलाफ निर्णायक जंग: अब खत्म करना संभव, लेकिन खतरे अभी भी बरकरार”

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

World Health Organization (WHO) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों और ‘World Malaria Day 2026’ अभियान ने यह साफ कर दिया है कि मलेरिया के खिलाफ दुनिया एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। “Driven to End Malaria: Now We Can. Now We Must.” थीम के साथ शुरू किए गए इस वैश्विक अभियान का उद्देश्य न सिर्फ मलेरिया को खत्म करना है, बल्कि दुनिया को यह संदेश देना भी है कि अब यह लक्ष्य पहले से कहीं ज्यादा करीब है—लेकिन चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में करीब 2.82 करोड़ (282 मिलियन) मलेरिया के मामले और 6.1 लाख मौतें दर्ज की गईं, जो 2023 के मुकाबले थोड़ा बढ़ाव दर्शाती हैं। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि प्रगति के बावजूद वैश्विक स्तर पर मलेरिया नियंत्रण की रफ्तार धीमी पड़ रही है।

हालांकि, सकारात्मक पहलुओं की बात करें तो 47 देश मलेरिया मुक्त घोषित हो चुके हैं, जबकि 37 देशों में 1000 से कम मामले दर्ज किए गए हैं। साल 2000 के बाद से अब तक 2.3 अरब मामलों और 1.4 करोड़ मौतों को रोका गया है, जो वैश्विक प्रयासों की बड़ी सफलता को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि विज्ञान ने इस लड़ाई को नई दिशा दी है। वर्तमान में 25 देशों में मलेरिया वैक्सीन लागू की जा रही है, जिससे हर साल लगभग 1 करोड़ बच्चों को सुरक्षा मिल रही है। इसके अलावा, नए प्रकार के मच्छरदानी जाल (PBO nets) अब 84% वितरण का हिस्सा बन चुके हैं, जो पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी हैं।

लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। दवा प्रतिरोध (Drug Resistance) अब अफ्रीका के कई देशों में फैल चुका है, जिससे उपचार की प्रभावशीलता पर खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही कीटनाशक प्रतिरोध (Insecticide Resistance) और नए शहरी मच्छरों की प्रजातियां भी इस लड़ाई को जटिल बना रही हैं।

सबसे बड़ी चिंता फंडिंग को लेकर है। 2024 में मलेरिया उन्मूलन के लिए 3.9 अरब डॉलर की फंडिंग मिली, जबकि जरूरत 9.3 अरब डॉलर की थी। यानी करीब 5.4 अरब डॉलर की कमी अभी भी बनी हुई है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि इस वित्तीय अंतर को जल्द नहीं भरा गया, तो अब तक की उपलब्धियां खतरे में पड़ सकती हैं।

WHO के महानिदेशक Tedros Adhanom Ghebreyesus ने इस मौके पर कहा कि “अब हमारे पास मलेरिया को खत्म करने के लिए जरूरी संसाधन और तकनीक मौजूद हैं, लेकिन इसके लिए वैश्विक सहयोग, मजबूत फंडिंग और स्थानीय नेतृत्व की जरूरत है।”

उन्होंने यह भी जोर दिया कि समुदायों की भागीदारी, राष्ट्रीय कार्यक्रमों की मजबूती और नई तकनीकों में निवेश ही इस लड़ाई को जीतने की कुंजी होगी।

स्पष्ट है कि दुनिया के पास मलेरिया को खत्म करने का सुनहरा मौका है, लेकिन इसके लिए तुरंत और ठोस कदम उठाने होंगे।

Related Articles

Back to top button