भारत-न्यूजीलैंड समझौते के बाद एक्शन मोड में सरकार—MSME को राहत, निर्यातकों को नए बाजार तलाशने का आह्वान
पीयूष गोयल का बड़ा मंत्र: FTA के दम पर 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य

(निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क)
नई दिल्ली के Bharat Mandapam में आयोजित अहम बैठक में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने भारत के निर्यात तंत्र को मजबूत करने के लिए ठोस रणनीति पेश की। भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर के बाद हुई इस बैठक में निर्यात प्रोत्साहन परिषदों (EPC) और उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान Piyush Goyal ने “विकसित भारत” के विजन के तहत वर्ष 2030 तक 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते भारत के लिए वैश्विक बाजारों में प्रवेश का सुनहरा अवसर हैं और उनका समय पर उपयोग करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल माल एवं सेवा निर्यात 860.09 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो 4.22% की वृद्धि को दर्शाता है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, केमिकल्स, रत्न-आभूषण और कृषि उत्पादों ने निर्यात को मजबूती दी है।
बैठक में Directorate General of Foreign Trade (DGFT) ने एक विस्तृत निर्यात सुधार ढांचा प्रस्तुत किया। इसमें KPI आधारित निगरानी, ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा, जिलों को निर्यात हब बनाना, डिजिटल ट्रेड अकादमी की स्थापना और बाजार विविधीकरण जैसे कदम शामिल हैं।
उद्योग प्रतिनिधियों ने खासकर MSME सेक्टर की चुनौतियों को उजागर किया—जैसे उच्च अनुपालन लागत, परीक्षण आवश्यकताएं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश की बाधाएं। इस पर Piyush Goyal ने भरोसा दिलाया कि सरकार लक्षित हस्तक्षेपों के जरिए व्यापार सुगमता बढ़ाने और इन बाधाओं को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में Federation of Indian Export Organisations, Engineering Export Promotion Council of India, Gems and Jewellery Export Promotion Council सहित कई प्रमुख निर्यात निकायों ने भाग लिया।
निर्यात प्रोत्साहन मिशन (EPM) की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने EPCs से सक्रिय निर्यातकों की संख्या बढ़ाने और नए बाजारों में प्रवेश करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को एक भरोसेमंद वैश्विक सप्लाई पार्टनर बनाने के लिए सरकार और उद्योग के बीच मजबूत तालमेल जरूरी है।



