अब हर भाषा में होगी बैंकिंग
पीएनबी और डिजिटल इंडिया भाषिणी की साझेदारी से बहुभाषी एआई बैंकिंग का नया दौर

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क ।
देश के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने डिजिटल बैंकिंग को अधिक समावेशी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (DIBD) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी देशभर के करोड़ों ग्राहकों के लिए भाषा की बाधाओं को समाप्त कर डिजिटल बैंकिंग को नई ऊंचाई देने की दिशा में अहम पहल मानी जा रही है।
एआई से बदलेगा बैंकिंग अनुभव
द्वारका स्थित पीएनबी के कॉर्पोरेट कार्यालय में हुए इस समझौते के तहत भाषिणी की अत्याधुनिक बहुभाषी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को पीएनबी के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इसके बाद ग्राहक आवाज़ और टेक्स्ट दोनों माध्यमों से अपनी पसंदीदा भारतीय भाषा में बैंकिंग सेवाओं का सहज लाभ उठा सकेंगे।
भाषा नहीं बनेगी वित्तीय सेवाओं में बाधा
समारोह में पीएनबी के कार्यपालक निदेशक एम. परमसिवम ने कहा कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बहुभाषी एआई का यह संगम समावेशी डिजिटल परिवर्तन को नई गति देगा। इससे बैंकिंग सेवाएं अधिक सुलभ, समान और नागरिक-अनुकूल बनेंगी तथा देश के हर वर्ग तक वित्तीय सेवाओं की पहुंच मजबूत होगी।
‘वॉइस-फर्स्ट’ बैंकिंग को मिलेगा बढ़ावा
डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ नाग ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच में भाषा कभी बाधा नहीं बननी चाहिए। यह साझेदारी भारत में वॉइस-फर्स्ट, बहुभाषी डिजिटल बैंकिंग के विज़न को मजबूत करेगी और नागरिकों को उनकी मातृभाषा में सुरक्षित एवं सहज वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराएगी।
समावेशी डिजिटल भविष्य की ओर कदम
पीएनबी के डिजिटल बैंकिंग ट्रांसफॉर्मेशन डिवीजन के मुख्य महाप्रबंधक अतिश कुमार राउत ने कहा कि बैंक सुरक्षित, सरल और ग्राहक-केंद्रित डिजिटल सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। भाषिणी की एआई तकनीक के एकीकरण से विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमि के ग्राहकों के लिए डिजिटल बैंकिंग और अधिक आसान, प्रभावी तथा भरोसेमंद बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत के डिजिटल वित्तीय समावेशन अभियान को नई गति प्रदान करेगी।



