हेल्थ

यूपी में बनेगा मॉडल अस्पताल ?

CII यूपी हेल्थ समिट-2026 में स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने पर मंथन, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गुणवत्ता, किफायत और मरीज-केंद्रित सेवाओं पर दिया जोर

स्वास्थ्य सेवा नहीं, जनसेवा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक बनाने की चुनौती के बीच 8वें CII उत्तर प्रदेश हेल्थ समिट-2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र के भविष्य पर गंभीर मंथन हुआ। नीति-निर्माताओं, चिकित्सकों, उद्योग प्रतिनिधियों, तकनीकी विशेषज्ञों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए।

मॉडल अस्पताल की जरूरत

मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य सेवा को केवल तेजी से बढ़ते उद्योग के रूप में देखने के बजाय इसे मानव सेवा से जुड़ी सार्वजनिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक मॉडल अस्पताल विकसित करने का आह्वान किया, जो गुणवत्तापूर्ण उपचार, किफायती चिकित्सा, आधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित सेवाओं के क्षेत्र में मानक स्थापित कर सके।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था की सफलता केवल अस्पतालों और बेड की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से तय होनी चाहिए कि आर्थिक स्थिति और भौगोलिक दूरी की परवाह किए बिना मरीज को समय पर बेहतर इलाज मिल रहा है या नहीं।

बच्चों के स्वास्थ्य पर चिंता

ब्रजेश पाठक ने बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान, देर रात तक जागने, शारीरिक निष्क्रियता और बढ़ते सामाजिक एवं शैक्षणिक दबावों को उन्होंने भविष्य की गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से जोड़ा।

गांव तक पहुंचे इलाज

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक मूल्यांकन ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों तक समय पर जांच, उपचार और प्रभावी रेफरल सुविधा की पहुंच से होना चाहिए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विशेषज्ञ संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई।

AI और डिजिटल हेल्थ पर जोर

मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं पूर्व DCGI डॉ. जी.एन. सिंह ने कहा कि यूपी स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी का बड़ा केंद्र बनने की क्षमता रखता है। इसके लिए अनुसंधान, विनिर्माण, नियमन और तकनीक के बीच मजबूत तालमेल जरूरी है। AI, डिजिटल हेल्थ और उन्नत डायग्नोस्टिक्स को उन्होंने भविष्य की महत्वपूर्ण ताकत बताया।

सरकार-उद्योग साझेदारी

CII के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार, उद्योग, अस्पतालों, डायग्नोस्टिक्स और तकनीकी संस्थानों के बीच निरंतर संवाद तथा PPP मॉडल को मजबूत करने पर जोर दिया। आपातकालीन चिकित्सा, क्रिटिकल केयर, डायग्नोस्टिक्स और क्लिनिकल क्षमताओं को बेहतर बनाने को भी प्राथमिकता बताया गया।

समिट ने स्पष्ट संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को अब केवल विस्तार नहीं, बल्कि गुणवत्ता, तकनीक और मरीज के भरोसे पर आधारित नई संरचना की जरूरत है।

Related Articles

Back to top button