2030 तक यूपी की बिजली मांग 40 हजार मेगावाट पार होने का अनुमान, स्टोरेज और नवाचार पर जोर
CII UP Clean Energy Summit 2026 में स्वच्छ ऊर्जा को लेकर मंथन, 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में नवीकरणीय ऊर्जा की अहम भूमिका

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ती बिजली की मांग ने स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ ऊर्जा भंडारण, ग्रिड प्रबंधन और नई तकनीक की जरूरत को भी बढ़ा दिया है। लखनऊ में आयोजित CII Uttar Pradesh Clean Energy Summit 2026 में विशेषज्ञों और उद्योग जगत ने राज्य के ऊर्जा भविष्य को लेकर व्यापक मंथन किया।
सम्मेलन का विषय “Uttar Pradesh: Powering a USD 1 Trillion Economy through Renewable Energy” रहा। कार्यक्रम में सरकारी अधिकारियों, उद्योगपतियों और ऊर्जा विशेषज्ञों ने उत्तर प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों तथा नवीकरणीय ऊर्जा की संभावनाओं पर विचार साझा किए।

उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग एवं UPNEDA के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि राज्य में AI और डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एयर कंडीशनिंग की बढ़ती मांग और आर्थिक विकास के कारण बिजली की खपत तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने अनुमान जताया कि राज्य की पीक बिजली मांग 2030 तक 40,000 मेगावाट और 2034 तक 50,000 मेगावाट को पार कर सकती है।
उन्होंने कहा कि केवल नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। चौबीसों घंटे भरोसेमंद और किफायती बिजली के लिए ऊर्जा भंडारण, ग्रिड प्रबंधन और संतुलन व्यवस्था को मजबूत करना होगा। उन्होंने उद्योगों से स्टोरेज, रूफटॉप सोलर, डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी, कंप्रेस्ड बायोगैस और एग्रीसोलर जैसे क्षेत्रों में निवेश और अनुसंधान बढ़ाने का आह्वान किया।
CII क्लीन एनर्जी समिट के चेयरमैन विनम्र अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा बदलाव सरकार और उद्योग की साझा जिम्मेदारी है। वहीं CII क्लीन एनर्जी समिट के सह-अध्यक्ष गौरव पिलानिया ने उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख क्लीन एनर्जी हब बनाने के लिए विनिर्माण, औद्योगिक क्लस्टर, टेस्टिंग सुविधाओं और कुशल मानव संसाधन पर जोर दिया।

हिंदुस्तान पावर के कार्यकारी उपाध्यक्ष दिनेश बत्रा ने कहा कि कंपनी उत्तर प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर सौर परियोजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने 435 MWp ललितपुर सोलर परियोजना को राज्य की बढ़ती बिजली जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में आशीष तक और कासिफ निसार खान सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। सम्मेलन ने साफ संकेत दिया कि यूपी के आर्थिक विस्तार के साथ स्वच्छ, सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा व्यवस्था भविष्य की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल होगी।




