MSME के लिए सरकारी खरीद के दरवाजे खुले, GeM से लेकर गुणवत्ता तक पर मंथन
वेण्डर विकास कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी, PSUs ने पंजीकरण और खरीद प्रक्रिया की दी जानकारी

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए सरकारी खरीद और बड़े सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़ने के अवसरों को लेकर लखनऊ में दो दिवसीय वेण्डर विकास कार्यक्रम-2026 का शुभारंभ हुआ। MSME-विकास कार्यालय, कानपुर और PHDCCI, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सरकारी खरीद, GeM, वेण्डर पंजीकरण, गुणवत्ता, तकनीक और बाजार विस्तार जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में MSME-विकास कार्यालय, कानपुर के निदेशक वी.के. वर्मा ने कहा कि सरकारी खरीद में एमएसई की भागीदारी बढ़ाने के लिए 25 प्रतिशत खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। उन्होंने एससी, एसटी और महिला उद्यमियों के लिए उपलब्ध विशेष अवसरों का लाभ उठाने और विभिन्न संस्थानों की खरीद प्रक्रिया समझने की अपील की।

मुख्य अतिथि एवं उत्तर प्रदेश सरकार के सचिव, MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन प्रांजल यादव ने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में MSME की भूमिका बेहद मजबूत है। उन्होंने युवाओं से उद्यमिता की ओर बढ़ने का आह्वान करते हुए औद्योगिक भूमि, वित्त, सब्सिडी और प्रोत्साहन जैसी जरूरतों पर ध्यान देने की बात कही।
उन्होंने बताया कि GeM पर MSME की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है, जिसकी खरीद राशि लगभग ₹9 लाख करोड़ बताई गई। उन्होंने उद्यमियों को TReDS और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर भुगतान संबंधी समस्याओं को कम करने की सलाह दी।
GeM के यूपी स्टेट नोडल एवं डिप्टी CEO कृष्ण मुरारी ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस पर खरीद के बढ़ते दायरे की जानकारी दी। वहीं RDSO, ALIMCO, Power Grid और HAL के अधिकारियों ने अपने-अपने संस्थानों में एमएसई के लिए उपलब्ध कारोबारी अवसरों और तकनीकी जरूरतों पर प्रकाश डाला।

Power Grid ने ट्रांसफॉर्मर, रिएक्टर, इंसुलेटर सहित तकनीकी उत्पादों तथा विभिन्न सेवाओं में अवसर बताए। HAL ने गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति को सफलता की कुंजी बताया। RDSO ने मशीनरी और प्लांट उपकरणों के क्षेत्र में एमएसई के लिए संभावनाएं रेखांकित कीं।
तकनीकी सत्र में BIS ने गुणवत्ता एवं मानकीकरण, जबकि Indian Institute of Packaging ने आधुनिक पैकेजिंग के महत्व पर जानकारी दी। इसके बाद B2B Meet और PSU-MSME Interaction में उद्यमियों और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद हुआ।
कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया और 20 से अधिक स्टॉलों पर MSME एवं PSUs ने अपने उत्पाद, सेवाएं और तकनीक प्रदर्शित की। आयोजन ने छोटे उद्यमों के लिए सरकारी बाजार तक पहुंच बनाने और बड़े संस्थानों से कारोबारी संबंध मजबूत करने का प्रभावी मंच तैयार किया।




