RBI की कार्रवाई से श्री राम फाइनेंस पर उठे अनुपालन के सवाल
KYC और प्रबंधन नियमों में चूक पर जुर्माना

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
नियामकीय नियमों के पालन में चूक Shri Ram Finance Corporation Private Limited को भारी पड़ी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कंपनी पर ₹8.10 लाख का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कंपनी द्वारा RBI के ‘Governance’ और Know Your Customer (KYC) से जुड़े निर्देशों का पालन नहीं करने के कारण की गई है। RBI ने 19 अगस्त 2026 के आदेश में यह दंड लगाया।
RBI की कार्रवाई उस वैधानिक निरीक्षण के बाद सामने आई है, जो कंपनी की 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर किया गया था। निरीक्षण में नियामकीय निर्देशों के अनुपालन में कई कमियां सामने आईं। इसके बाद कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। कंपनी के जवाब, अतिरिक्त प्रस्तुतियों और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद RBI ने आरोपों को सही पाया और जुर्माना लगाने का फैसला किया।
RBI के मुताबिक कंपनी ने निदेशकों की संख्या में 30 प्रतिशत से अधिक बदलाव के कारण प्रबंधन में बदलाव होने के बावजूद निदेशक की नियुक्ति से पहले RBI की लिखित अनुमति नहीं ली। यह कंपनी के प्रशासनिक अनुपालन पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
इसके अलावा कंपनी अपने ग्राहकों को लो, मीडियम और हाई रिस्क श्रेणियों में वर्गीकृत करने की आवश्यक व्यवस्था भी लागू नहीं कर सकी। KYC व्यवस्था में भी खामी सामने आई, क्योंकि कुछ ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड निर्धारित समयसीमा के भीतर Central KYC Records Registry पर अपलोड नहीं किए गए।
इन कमियों को लेकर RBI ने कंपनी पर कार्रवाई की है। हालांकि केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह दंड नियामकीय अनुपालन में मिली कमियों के आधार पर लगाया गया है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा ग्राहकों के साथ किए गए किसी लेनदेन या समझौते की वैधता पर फैसला देना नहीं है।
RBI ने यह भी साफ किया है कि ₹8.10 लाख का जुर्माना भविष्य में कंपनी के खिलाफ की जा सकने वाली किसी अन्य कार्रवाई को प्रभावित नहीं करेगा। यानी नियामकीय निगरानी के मोर्चे पर कंपनी के लिए मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं माना जा सकता।



