
सीबीडीटी का बड़ा कदम: ‘विश्वास आधारित कर शासन’ को नई दिशा, अंतर्राष्ट्रीय कर नियमों पर फोकस
(निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क)
नई दिल्ली में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा आयोजित ‘सीमाओं को जोड़ना, विश्वास का निर्माण’ विषयक जनसंपर्क कार्यक्रम ने कर प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक अहम संदेश दिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नए आयकर अधिनियम 2025, आयकर नियम 2026 और संशोधित फॉर्म्स के प्रावधानों के प्रति हितधारकों को जागरूक करना था, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय कराधान, हस्तांतरण मूल्य निर्धारण (Transfer Pricing) और अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौते (APA) जैसे जटिल विषयों पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में CBDT के सदस्य (विधान) प्रसेनजीत सिंह ने अपने संबोधन में सरकार की ‘सरल कानून, मजबूत विश्वास’ नीति को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि कई कर प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा रहा है, ताकि करदाताओं पर अनावश्यक दबाव कम हो और स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा मिले। साथ ही डेटा-आधारित ‘नज’ (NUDGE) अभियानों के माध्यम से करदाताओं को समय पर और सटीक सेवाएं देने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय कराधान से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे सेफ हार्बर नियम, विदेशी कर क्रेडिट (FTC) और टैक्स रेजिडेंसी सर्टिफिकेट (TRC) पर आधारित नौ पुस्तिकाओं का विमोचन किया गया। साथ ही विभाग के एआई आधारित चैटबॉट ‘कर साथी’ को भी प्रस्तुत किया गया, जो करदाताओं को त्वरित सहायता प्रदान करेगा।
कार्यक्रम ‘प्रारंभ’ श्रृंखला का हिस्सा था, जिसमें भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान (ICAI), उद्योग जगत, बहुराष्ट्रीय कंपनियों और कर विशेषज्ञों सहित करीब 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त मोनिका भाटिया ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में कर स्थिरता और विश्वसनीयता की आवश्यकता पर जोर दिया और विदेशों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की।



