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यूपी पोल्ट्री कॉन्क्लेव 2026 का पहला दिन सम्पन्न, दावों के बीच जमीनी चुनौतियां बरकरार

नवाचार और विकास पर चर्चा तेज, लेकिन छोटे पोल्ट्री किसानों की चिंताएं जस की तस

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

लखनऊ के Indira Gandhi Pratishthan में आयोजित “उत्तर प्रदेश पोल्ट्री कॉन्क्लेव-2026” का पहला दिन सम्पन्न हो गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री S. P. Singh Baghel एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री Dharampal Singh सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

पहले दिन विभिन्न तकनीकी सत्रों में पोल्ट्री उद्योग के विकास, बाजार लिंकेज, नवाचार और सरकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, आगामी 17-18 अप्रैल को प्रस्तावित “दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026” का कर्टेन रेज़र भी जारी किया गया, जिसे सरकार ने डेयरी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

हालांकि मंच से बड़े-बड़े विज़न और योजनाओं की बातें सामने आईं, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान को लेकर स्पष्ट रणनीति नजर नहीं आई। प्रदेश के छोटे और मध्यम पोल्ट्री किसानों को बढ़ती लागत, बाजार में अस्थिरता और तकनीकी संसाधनों की कमी जैसी समस्याओं का सामना अभी भी करना पड़ रहा है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव Mukesh Kumar Meshram और दुग्ध आयुक्त Dhanalakshmi K भी मौजूद रहीं। उन्होंने योजनाओं और नीतियों की जानकारी दी, लेकिन इनका प्रभाव जमीनी स्तर तक पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है।

पहले दिन की चर्चाओं ने यह जरूर संकेत दिया कि सरकार पोल्ट्री और डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देना चाहती है, लेकिन असली परीक्षा इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की होगी। अब सबकी नजरें कॉन्क्लेव के दूसरे दिन पर टिकी हैं, जहां ठोस निर्णयों और घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है।

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