विश्व धरोहर दिवस पर झांसी में राष्ट्रीय सेमिनार, बुंदेलखंड की विरासत पर मंथन
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
: विश्व धरोहर दिवस (18 अप्रैल) के अवसर पर क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई बुंदेलखंड, राजकीय संग्रहालय झांसी एवं बुंदेलखंड हेरिटेज सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बुंदेलखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और पुरातात्त्विक धरोहर पर गहन चर्चा हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ रवि शर्मा, झांसी सदर के विधायक, हरगोविंद कुशवाहा, राज्य मंत्री तथा कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. दिवेश निगम द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। सभी अतिथियों ने विरासत संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पिछले वर्ष देवगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार की प्रोसीडिंग्स पुस्तिका का विमोचन किया गया। साथ ही डॉ. प्रमोद कुमार अग्रवाल द्वारा लिखित पुस्तक शाहजहां की व्यथा का लोकार्पण भी हुआ, जिसने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।
सेमिनार में देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्वानों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इनमें डॉ. विजय माथुर, डॉ. कृष्ण मोहन जोशी, डॉ. नरेश कुमार पाठक, डॉ. धरमजीत कौर तथा प्रो. आर.पी. पांडे प्रमुख रहे।
विद्वानों ने अपने विचारों में बुंदेलखंड क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर, स्थापत्य कला, प्राचीन स्मारकों और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की विरासत केवल अतीत की पहचान नहीं, बल्कि भविष्य की प्रेरणा भी है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए इस तरह के आयोजनों को विरासत संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।



