‘पदयात्रा नहीं, सत्ता से विदाई की तैयारी’—अखिलेश का भाजपा पर तीखा हमला
राजभर समीकरण साधने में जुटी सपा—सीमा राजभर को बड़ी जिम्मेदारी, 2027 की रणनीति तेज

(निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क)
: अखिलेश यादव ने भाजपा की जन आक्रोश पदयात्रा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए ही भाजपा विपक्ष में बैठने का अभ्यास कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद भाजपा को यह आभास हो गया है कि 2027 में उसे सत्ता से बाहर होना पड़ेगा, इसलिए अभी से पदयात्रा का अभ्यास शुरू कर दिया गया है।
समाजवादी पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने भाजपा पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अपने ही बनाए कानूनों के लिए संघर्ष करना यह दर्शाता है कि सरकार के भीतर आत्मविश्वास की कमी है। उन्होंने दावा किया कि इस बार “पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक)” का गठजोड़ भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगा और उसके बाद भाजपा की वापसी मुश्किल हो जाएगी।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में रही है, जबकि भाजपा पर उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकने और जातीय जनगणना से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद में पारित महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा जनता को भ्रमित कर रही है।
इसी के साथ सपा ने 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी सामाजिक रणनीति को भी धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने पूर्व सुभासपा नेता सीमा राजभर को महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। इसे ओमप्रकाश राजभर के प्रभाव को कम करने और राजभर समाज में पैठ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, सपा अब पूर्वांचल और छोटे सामाजिक समूहों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है। हाल ही में विभिन्न दलों के नेताओं का सपा में शामिल होना भी इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। सीमा राजभर उर्फ भावना को महिला सभा क्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया। वह सुभासपा की नेता रही हैं और सपा छात्रसभा में राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी निभा रही थीं। माना जा रहा है कि सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के प्रभाव को कम करने और राजभर समाज के वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए यह दांव चला गया है। इससे पहले निषादों को साधने के लिए सपा ने पूर्व सांसद फूलन को पार्टी की महिला सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है।
महिला सभा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने उनके नाम की घोषणा की। इससे पहले बसपा के प्रवक्ता डा. एमएच खान, हरदोई के भाजपा नेता अखिलेश पाठक, मोस्ट कल्याण संस्थान के श्याम लाल निषाद, राष्ट्रीय सचिव लोक दल विजय सपा प्रमुख ने बढ़ाया इसके अलावा, अखिलेश यादव ने 25 अप्रैल को गाजियाबाद में किसानों के साथ संवाद कार्यक्रम की घोषणा की, जिससे पार्टी ग्रामीण और किसान वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
कुल मिलाकर, सपा ने एक तरफ भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला तेज किया है, तो दूसरी ओर सामाजिक समीकरण साधते हुए 2027 के चुनाव के लिए अपनी रणनीति को मजबूती से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है।



