राजनीति

शिक्षामंत्री के घपले की सजा शिक्षकों को क्यों?

अखिलेश यादव का विस्फोटक हमला:

यूट्यूबर्स और शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई के नाम पर भाजपा का तांडव, PDA अफसरों पर हो तुरंत एक्शन: सपा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क,

उत्तर प्रदेश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी द्वारा जारी एक आधिकारिक और बेहद आक्रामक बयान में अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि भाजपा अपनी प्रशासनिक विफलताओं, कमजोरियों और गहरे भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए हमेशा दूसरों को बलि का बकरा बनाती है। प्रयागराज में शिक्षा से जुड़े यूट्यूबर्स और शिक्षण संस्थानों पर ‘अवैध निर्माण’ का बहाना बनाकर की जा रही दमनात्मक कार्रवाई पर भड़कते हुए सपा प्रमुख ने पूछा कि जिस घपले-घोटाले की सजा सूबे के शिक्षामंत्री को मिलनी चाहिए, उसकी सजा निर्दोष शिक्षकों और शिक्षार्थियों को क्यों दी जा रही है?

अखिलेश यादव ने सरकारी तंत्र और गोदी मीडिया के नेक्सस को बेनकाब करते हुए कहा कि भाजपा पहले तो अपने पाले हुए ‘दानाजीवी’ तथाकथित पत्रकारों से फर्जी मीडियाबाजी करवाती है। इसके बाद शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगा रहे यूट्यूबर्स पर बेबुनियाद आरोप मढ़कर उनके शैक्षिक संस्थानों को बंद कराने या उन पर बुलडोजर चलवाने की साजिश रचती है।

प्रयागराज विकास प्राधिकरण के भ्रष्ट अफसरों से हो वसूली, 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

सपा प्रमुख ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

  • अफसरों का हो निलंबन: अखिलेश यादव ने दो टूक कहा, “अगर संस्थानों के भवनों में कोई तथाकथित अवैध निर्माण हुआ भी है, तो हम प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उन सभी भ्रष्ट अधिकारियों के तत्काल निलंबन और उनसे पूरी वसूली की माँग करते हैं, जिनके कार्यकाल में यह निर्माण हुआ या जिन्होंने आज तक इस पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं की।”
  • 24 घंटे का अल्टीमेटम: सपा ने मांग की है कि भ्रष्ट अधिकारियों पर की गई इस कार्रवाई की रिपोर्ट अगले 24 घंटे के भीतर जनता के सामने सार्वजनिक की जाए।

2027 में शिक्षा के मुद्दे पर होगा चुनावी सफाया: अखिलेश यादव ने हुंकार भरते हुए कहा कि भाजपा बुनियादी तौर पर शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों की घोर विरोधी है। देश के इतिहास में यह पहली बार होने जा रहा है जब आगामी विधानसभा चुनाव केवल और केवल शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। प्राइमरी स्कूलों को ताला लगाने, यूनिफॉर्म-स्टेशनरी-मिड डे मील घोटालों, कॉपियों की हेराफेरी, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में पिछड़ों-दलितों के आरक्षण की हकमारी और कोर्ट में परिणामों को फंसाने वाली भाजपाई चालबाजियों का हिसाब जनता साल 2027 में इस कुशासन को सत्ता से हमेशा के लिए बेदखल करके पूरा करेगी।

Related Articles

Back to top button