तेलंगाना गठन का दबाया गया सच: बसपा ने खोली कांग्रेस, भाजपा और BRS की पोल
39 सांसदों के दम पर मायावती ने बनाया तेलंगाना, 90% बहुजनों को मिला सिर्फ धोखा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की तेलंगाना इकाई के प्रदेश अध्यक्ष इबराम शेखर ने एक बेहद विस्फोटक बयान जारी कर तेलंगाना राज्य के गठन के इतिहास को लेकर चल रहे दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे तेलंगाना समाज का एक ‘कठोर ऐतिहासिक सच’ बताते हुए दावा किया कि आज सत्ता में बैठे दल जनता से असली इतिहास को जानबूझकर छिपा रहे हैं। शेखर ने साफ कहा कि कांग्रेस, भाजपा और बीआरएस (BRS) ने मिलकर तेलंगाना के 90 प्रतिशत बहुजन समाज की पीठ में छुरा घोंपा है और राज्य को सामंती ताकतों का गुलाम बना दिया है।
इबराम शेखर ने फरवरी 2014 के संसद के घटनाक्रम को याद दिलाते हुए तत्कालीन राजनीतिक गणित की पोल खोली। उन्होंने बताया कि जब संसद में तेलंगाना विधेयक पेश किया गया था, तब तथाकथित क्षेत्रीय मसीहा बीआरएस (तत्कालीन टीआरएस) के पास लोकसभा में मात्र दो (2) सांसद थे, जिनके दम पर बिल पास होना नामुमकिन था। सत्ताधारी कांग्रेस (यूपीए) अपने ही सीमांध्र के सांसदों के आंतरिक विद्रोह और तीखे विरोध से कांप रही थी, जबकि भाजपा (एनडीए) केवल राजनीतिक अवसरवाद और चुनावी फायदे के लिए नपा-तुला नाटक कर रही थी।

मायावती के 39 सांसदों ने दिया जीवनदान, सामंतियों के हाथ में बंधक है सत्ता
सपा और अन्य विरोधियों के बीच उस दिल्ली के सियासी तूफान में केवल बसपा सुप्रीमो मायावती ही थीं, जिन्होंने बिना किसी राजनीतिक सौदेबाजी (Quid pro quo) के तेलंगाना के युवाओं के बलिदान को रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया।
- बिना शर्त समर्थन: आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी के कड़े आदेश पर बसपा के 39 सांसदों (21 लोकसभा + 18 राज्यसभा) ने तेलंगाना बिल को बिना शर्त समर्थन देकर पास कराया।
- श्रेय की राजनीति: राज्य बनने के बाद बीआरएस ने दावा किया कि उसने राज्य ‘हासिल’ किया, कांग्रेस कहती है कि उसने ‘सौगात’ में दिया और भाजपा कहती है कि उसने ‘समर्थन’ किया।
बहुजनों से गद्दारी: इबराम शेखर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन तीनों दलों ने सत्ता में आने के बाद राज्य की 90% बहुजन आबादी को पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया। आज भी तेलंगाना की सत्ता, संसाधन और अकूत संपत्ति कुछ विशेष रसूखदारों और सामंती ताकतों के हाथों में बंधक है।
बसपा अध्यक्ष ने हुंकार भरते हुए कहा कि तेलंगाना के सपने को सच करने वाली एकमात्र ताकत बसपा का ‘हाथी’ निशान है। जब बसपा दिल्ली के तूफान को मोड़ सकती है, तो वह राज्य की सत्ता में आकर 90% बहुजनों के आत्मसम्मान और जीवन को भी बदल सकती है।



