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IIFL समस्ता फाइनेंस पर आरबीआई का बड़ा एक्शन; नियमों की अनदेखी पर लगा भारी जुर्माना

आरबीआई की सख्ती: IIFL समस्ता फाइनेंस पर लगा वित्तीय दंड, संदिग्ध लेन-देन पकड़ने में फेल रही कंपनी

निश्यचय टाइम्स न्यूज डेस्क:

देश की जानी-मानी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) ‘आईआईएफएल समस्ता फाइनेंस लिमिटेड’ (IIFL Samasta Finance Limited) रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के रडार पर आ गई है। नियमों के उल्लंघन और सुस्त रवैये को लेकर केंद्रीय बैंक ने कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। आरबीआई ने 5 जून 2026 को एक आदेश जारी कर IIFL समस्ता फाइनेंस पर ₹3.90 लाख का मौद्रिक जुर्माना (Monetary Penalty) ठोक दिया है।

आखिर क्यों नपा IIFL समस्ता फाइनेंस? आरबीआई ने यह कार्रवाई मुख्य रूप से ‘नो योर कस्टमर’ (KYC) और ‘एनबीएफसी में फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट’ से जुड़े नियमों की धज्जियां उड़ाने के लिए की है। रिजर्व बैंक ने जब 31 मार्च 2025 को कंपनी की वित्तीय स्थिति की जांच की, तो अंदर की कमियां उजागर हुईं। कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनके जवाब से केंद्रीय बैंक संतुष्ट नहीं हुआ।

जांच में सामने आईं ये दो बड़ी लापरवाहियां:

  1. सॉफ्टवेयर में खामी: कंपनी के पास संदिग्ध और धोखाधड़ी वाले लेन-देन (Suspicious Transactions) की पहचान करने और उनकी रिपोर्ट करने के लिए कोई मजबूत सॉफ्टवेयर सिस्टम नहीं था।
  2. धोखाधड़ी छुपाने का आरोप: वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान कंपनी ने अपने ‘फाइनेंशियल स्टेटमेंट – नोट्स टू अकाउंट्स’ में धोखाधड़ी (Frauds) के मामलों की सही और सटीक जानकारी नहीं दी, जो कि सीधे तौर पर पारदर्शिता के नियमों का उल्लंघन है।

ग्राहकों पर क्या होगा असर? आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक बृज राज द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई केवल रेगुलेटरी नियमों की अनदेखी के कारण की गई है। इसका कंपनी और ग्राहकों के बीच हुए किसी भी मौजूदा लेनदेन या एग्रीमेंट की वैधता से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, आरबीआई ने साफ किया है कि इस जुर्माने के बाद भी कंपनी के खिलाफ अन्य कानूनी कार्रवाइयों के रास्ते खुले हुए हैं।

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