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ऋण बाज़ार में PNB गिल्ट्स का डंका: 30 साल की बेमिसाल बादशाहत, नेटवर्थ ₹1,700 करोड़ पार

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

भारतीय ऋण बाज़ार (Debt Market) के बेताज बादशाह ‘पीएनबी गिल्ट्स लिमिटेड’ ने वित्तीय जगत में अपने गौरवशाली 30 वर्ष पूरे कर लिए हैं। पंजाब नैशनल बैंक की इस धाकड़ सहायक कंपनी और स्वतंत्र प्राथमिक डीलर ने 3 जुलाई 2026 को अपना 30वाँ स्थापना दिवस बेहद जोश और उत्साह के साथ मनाया। तीन दशकों की यह यात्रा भारत के सरकारी प्रतिभूति बाज़ार (G-Sec Ecosystem) को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की एक ऐतिहासिक कहानी है।

1996 से शुरू हुआ सफर, आज देश के टॉप-10 में शामिल वर्ष 1996 में अपनी स्थापना के बाद से ही पीएनबी गिल्ट्स ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। ट्रेज़री समाधान, बाज़ार निर्माण (Market Making) और ऋण पूंजी बाज़ार सेवाओं में अपनी बेजोड़ विशेषज्ञता के दम पर कंपनी ने भारत के फिक्स्ड इनकम मार्केट को फौलादी मजबूती दी है। आज यह कंपनी देश के शीर्ष 10 ऋण पूंजी बाज़ार व्यवसायों में मजबूती से स्थापित है।

कमाई और तरक्की के धुआँधार आँकड़े:

  • नेटवर्थ का धमाका: कंपनी की कुल निवल संपत्ति (Net Worth) आज रॉकेट की रफ्तार से ₹1,700 करोड़ के पार पहुँच चुकी है।
  • शेयर बाज़ार में सिल्वर जुबली: स्टॉक एक्सचेंजों में सफलतापूर्वक लिस्टिंग के 25 साल पूरे कर कंपनी ने निवेशकों का भरोसा जीता है।
  • 13% की धमाकेदार कंपाउंडिंग: वित्त वर्ष 1997 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी ने अपनी स्वामित्व निधि में 13 प्रतिशत का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया है, जो इसकी वित्तीय ताकत का सबसे बड़ा प्रमाण है।

दिग्गजों का जमावड़ा: डिजिटल और सुरक्षित भविष्य पर ज़ोर इस ऐतिहासिक मील के पत्थर पर आयोजित भव्य समारोह में पीएनबी के एमडी और सीईओ श्री अशोक चंद्र, पीएनबी गिल्ट्स के एमडी और सीईओ श्री पारीद सुनील सहित कॉर्पोरेट जगत की कई बड़ी हस्तियाँ मौजूद रहीं। अधिकारियों ने साफ़ किया कि तकनीक में निरंतर निवेश, प्रक्रियाओं का डिजिटलाइजेशन और कड़े जोखिम प्रबंधन के दम पर पीएनबी गिल्ट्स आगे भी देश के वित्तीय समावेशन और ‘विकसित भारत’ के सपने को सच करने में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।

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