धार्मिक चढ़ावे में सेंधमारी पर मायावती का ‘पावर स्ट्रोक’: अयोध्या के बाद बद्रीनाथ निशाने पर

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क,
: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने देश के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों के चढ़ावे में हो रही कथित हेराफेरी को लेकर सीधे शीर्ष प्रबंधन पर बड़ा हमला बोला है। अयोध्या के श्री राम मंदिर के बाद अब उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी और गबन की खबरों ने देश की सियासत और आस्था दोनों को हिलाकर रख दिया है। मायावती ने साफ कहा कि इन दोनों विख्यात धामों के ट्रस्टों और मुख्य प्रबंधकों की तत्काल उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
निचले स्तर की गड़बड़ी या मुख्य प्रबंधकों की मिलीभगत? बड़े चेहरों की जांच जरूरी
मायावती ने व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों में जो भी वित्तीय अनियमितताएं सामने आ रही हैं, वे बिना बड़ी शह के मुमकिन नहीं हैं। जनता के बीच यह आम चर्चा है कि या तो इस महाघोटाले में मुख्य प्रबंधकों की सीधी मिलीभगत है, या फिर उनकी घोर लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अभी कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में आने वाले नए प्रबंधक भी इसी ढर्रे पर देश की आस्था का दुरुपयोग करेंगे। इस मामले में सरकार और एसआईटी (SIT) को विशेष और निष्पक्ष ध्यान देने की जरूरत है।
कोरी राजनीति बंद करो! विपक्ष सबूत दे वरना जनता सिखाएगी सबक
चढ़ावे के मुद्दे पर राजनीति चमकाने वाले विपक्षी दलों को भी मायावती ने आड़े हाथों लिया। उन्होंने सपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) को लपेटते हुए कहा कि जो नेता राम मंदिर के चढ़ावे में मोटी रकम की चोरी का दावा कर रहे हैं, वे केवल हवा में तीर न चलाएं। सरकार को इन नेताओं से पुख्ता सबूत मांगने चाहिए। यदि विपक्ष सबूत नहीं दे पाता है, तो यह साफ हो जाएगा कि ये पार्टियां जनहित के मुद्दों को दरकिनार कर, आगामी चुनावों में सिर्फ धार्मिक भावना भुनाने के लिए ‘कोरी राजनीति’ कर रही हैं।



