आजाद समाज पार्टी को बड़ा राजनीतिक बूस्ट!
पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. मसूद अहमद की एंट्री, 2027 की सियासत में बढ़ी हलचल

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। बहुजन समाज पार्टी की पहली सरकार में शिक्षा मंत्री रहे और राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने कांग्रेस छोड़कर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके साथ कांग्रेस, आरएलडी और अन्य दलों के सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी पार्टी में शामिल हुए।
चंद्रशेखर बोले— बहुजन आंदोलन को मिलेगी नई ताकत
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने डॉ. मसूद अहमद का स्वागत करते हुए कहा कि उनका आगमन केवल एक नेता का शामिल होना नहीं, बल्कि बहुजन आंदोलन को नई दिशा और नई ऊर्जा देने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि डॉ. मसूद अहमद का लंबा राजनीतिक अनुभव संगठन को मजबूत करेगा।
2027 चुनाव पर नजर
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आजाद समाज पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव पूरी ताकत से लड़ेगी और दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर और महिलाओं की साझी आवाज बनेगी। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS), पुलिस सुधार, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात दोहराई।
चार दशक का राजनीतिक अनुभव
डॉ. मसूद अहमद बहुजन आंदोलन के पुराने चेहरों में शामिल रहे हैं। वे विधायक, शिक्षा मंत्री, आरएलडी के प्रदेश अध्यक्ष और विभिन्न राजनीतिक दलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी में उन्हें सामाजिक न्याय, संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा मान्यवर कांशीराम के विचारों को आगे बढ़ाने का मजबूत मंच मिला है।
बदलेगा बहुजन राजनीति का समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. मसूद अहमद के आने से आजाद समाज पार्टी को संगठनात्मक मजबूती मिल सकती है। खासकर दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज में पार्टी की पकड़ मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।




