फर्जीवाड़े की नींव पर खड़ा था मेडिकल संस्थानों का साम्राज्य: आरबीएल बैंक प्रबंधक को मिली जान से मारने की धमकी

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क,
राजधानी लखनऊ के थाना गाजीपुर क्षेत्र से चिकित्सा और शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाला एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है । आरबीएल बैंक, इंदिरा नगर शाखा के प्रबंधक मलय मोहन की तहरीर पर विशेष मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (कस्टम्स) के आदेश के बाद ‘हिन्द चेरिटेबल ट्रस्ट’ के कथित चेयरमैन डॉ. अमोद कुमार सचान और उनकी पत्नी ऋचा मिश्रा के खिलाफ जालसाजी और आपराधिक धमकी की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है ।
मूल ट्रस्ट डीड में कूटकरण कर पांच अन्य ट्रस्टियों को निकाला अमरोहा और बाराबंकी से जुड़े इस सिंडिकेट का पर्दाफाश तब हुआ जब बैंक को पता चला कि अभियुक्तगणों ने ‘हिन्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइन्स’ (सफेदाबाद, बाराबंकी और अटरिया, सीतापुर) के नाम पर बैंक खाते खुलवाने के लिए जाली दस्तावेजों का सहारा लिया था । आरोपियों ने वर्ष 2004 की मूल ट्रस्ट डीड की छायाप्रति में कूटरचना (जालसाजी) की । उन्होंने डीड से अन्य पांच वास्तविक ट्रस्टियों—बृज किशोर सिंह, सुशीला चौधरी, हरीश चन्द्र, सुनील कुमार वर्मा और मधु चौधरी के नाम गायब कर दिए और खुद को एकमात्र सर्वेसर्वा दिखाते हुए अवैध रूप से खातों का संचालन किया ।
कैसरबाग थाने में दर्ज है वित्तीय गबन का केस, खाते हुए ‘नो-डेबिट’ इस काली करतूत का खुलासा तब हुआ जब कैसरबाग पुलिस ने विवेचना के दौरान बैंक को सूचित किया कि डॉ. अमोद कुमार सचान के खिलाफ पहले से ही थाना कैसरबाग में वित्तीय गबन के आरोप में एफआईआर संख्या 22/2026 दर्ज है और उन्हें चेयरमैन पद से हटाया जा चुका है । पुलिस के निर्देश पर आरबीएल बैंक मुख्यालय ने ट्रस्ट के पैन नंबर से जुड़े सभी बैंक खातों के संचालन पर तत्काल रोक लगाते हुए उन्हें ‘नो-डेबिट’ श्रेणी में डाल दिया ।
अवैध दबाव बनाने के लिए बैंक मैनेजर और उनके परिवार को दी जान से मारने की धमकी धोखाधड़ी उजागर होने और खातों के फ्रीज होने से बौखलाए डॉ. अमोद कुमार सचान ने 17 मार्च 2026 की रात बैंक प्रबंधक मलय मोहन को फोन कर खातों को तुरंत बहाल करने का अवैध दबाव बनाया । प्रबंधक द्वारा असमर्थता जताने पर आरोपी ने आपा खो दिया और उन्हें बेहद अपमानजनक गालियां देते हुए लखनऊ में न रहने देने, नौकरी छीनने और पूरे परिवार सहित जान से मार देने की गंभीर धमकी दी । पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक अर्चना को सौंपी है ।



