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जयपुर में एनडीबी सेमिनार: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने निजी पूंजी जुटाने हेतु बहुपक्षीय बैंकों की भूमिका को रेखांकित

जयपुर में एनडीबी सेमिनार

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

जयपुर में आयोजित ब्रिक्स वित्त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के दौरान “द रोल ऑफ द न्यू डेवलपमेंट बैंक इन मोबिलाइजिंग प्राइवेट Capital इन मेंबर कंट्रीज” विषय पर विशेष सेमिनार का आयोजन हुआ। सेमिनार को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने कहा कि ब्रिक्स देश वैश्विक वृद्धि के प्रमुख इंजन हैं, लेकिन निजी पूंजी आकर्षित करने में उन्हें समान संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

सार्वजनिक पूंजी केवल उत्प्रेरक, निजी निवेश का विकल्प नहीं

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत में सार्वजनिक निवेश को निजी पूंजी का विकल्प नहीं, बल्कि उसके उत्प्रेरक के रूप में देखा जाता है। उन्होंने बताया कि राजमार्गों, रेलवे, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा नेटवर्क में बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय परिसंपत्तियां बनाई गई हैं। निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF), हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM), इंविट्स (InvITs) और पीएम गति शक्ति जैसे ढांचागत सुधार लागू किए गए हैं।

बजट 2026-27 के लक्षित उपायों से बढ़ेगा निवेश

श्रीमती सीतारमन ने बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में निजी पूंजी को गति देने के लिए नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, नए राष्ट्रीय जलमार्ग और तटीय कार्गो प्रोत्साहन योजना जैसे ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकासात्मक वित्त का भविष्य बहुपक्षीय संस्थाओं, सरकारों और निजी क्षेत्र की साझा भागीदारी में निहित है।

बहुपक्षीय सहयोग और नीतिगत स्थिरता पर बल

कार्यक्रम में एनडीबी की अध्यक्ष सुश्री डिल्मा रूसेफ और आर्थिक कार्य विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर ने भी अपने विचार रखे। सचिव अनुराधा ठाकुर ने कहा कि पूंजी जुटाने की व्यवस्था दीर्घकालिक और टिकाऊ ढांचों पर आधारित होनी चाहिए। इस दौरान वरिष्ठ नीति निर्माताओं और वैश्विक वित्तीय विशेषज्ञों के बीच गहन पैनल चर्चा भी हुई।

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