राजनीति

जवाबदेही पर अखिलेश का भाजपा पर हमला

‘जनतंत्र को धनतंत्र मानकर चल रही भाजपा’, हमीरपुर की सड़क से लेकर संसद तक सरकार को घेरा

‘जनतंत्र को धनतंत्र मानकर चल रही भाजपा’, हमीरपुर की सड़क से लेकर संसद तक सरकार को घेरा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

‘जवाबदेही’ पर सीधा सवाल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के शब्दकोश में जवाबदेही नाम का शब्द ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ‘जनतंत्र’ को ‘धनतंत्र’ में बदलकर सत्ता का इस्तेमाल दोहन और दमन के लिए कर रही है।

बच्चों का प्रदर्शन बना आईना

अखिलेश यादव ने हमीरपुर में सड़क निर्माण को लेकर स्कूली बच्चों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वर्षों तक जनता की शिकायत नहीं सुनी गई तो बच्चों को जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचकर अपनी आवाज उठानी पड़ी। उन्होंने इसे शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता का उदाहरण बताया।

उनका कहना था कि यदि सत्ता और प्रशासन जनता तक नहीं पहुंचेंगे तो जनता स्वयं सत्ता के दरवाजे तक पहुंचेगी।

‘सत्ता समाज के लिए’

सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा जिस ऊपर-से-नीचे चलने वाले एकतंत्र की ओर बढ़ना चाहती है, वह लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है। लोकतंत्र नीचे से ऊपर की ओर चलता है और जनप्रतिनिधि तथा लोकसेवक जनता के प्रति उत्तरदायी होते हैं।

उन्होंने समाजवादी सिद्धांत को रेखांकित करते हुए कहा कि “समाज के लिए सत्ता है” और यदि सत्ता का उपयोग जनकल्याण के लिए नहीं होता तो सरकार के अस्तित्व का औचित्य ही सवालों के घेरे में आ जाता है।

भ्रष्टाचार के आरोप

संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान यादव ने भाजपा शासित राज्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने जेवर एयरपोर्ट पर जलभराव, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर गड्ढों, जल जीवन मिशन की टंकियों और अयोध्या में चढ़ावे से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास कार्यों में कमीशनखोरी और बजट की लूट के आरोपों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

FCRA बिल पर विपक्ष का विरोध

अखिलेश यादव ने FCRA बिल को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पूरा विपक्ष इसके खिलाफ है और आरोप लगाया कि सरकार के विधेयक अल्पसंख्यकों के हितों के प्रतिकूल हैं।

‘समय-सीमा नहीं, उत्तरदायित्व चाहिए’

संसद में सरकार के जवाब देने की प्रस्तावित समय-सीमा पर भी उन्होंने सवाल उठाया। उनका कहना था कि जवाबदेही किसी निर्धारित समय-सीमा की औपचारिकता नहीं, बल्कि संवैधानिक और राजनीतिक उत्तरदायित्व का विषय है। उन्होंने कहा कि देश केवल भाषण नहीं, ठोस जवाब और कार्रवाई चाहता है।

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