उत्तर प्रदेश

कचरे से कंचन तक: सीबीजी में गांवों की अर्थव्यवस्था बदलने की ताकत

कचरे में छिपी कमाई

इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 में ग्रीन एनर्जी पर मंथन, किसानों की आय और ग्रामीण रोजगार पर जोर

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश में सीबीजी और बायोएनर्जी क्षेत्र की संभावनाओं पर गंभीर मंथन हुआ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि सीबीजी उद्योग में किसानों की आमदनी बढ़ाने और गांवों में रोजगार पैदा करने की अपार क्षमता है। कृषि एवं जैविक कचरे को ऊर्जा में बदलकर उसे आर्थिक संसाधन बनाया जा सकता है।

ग्रीन एनर्जी पर यूपी का फोकस

मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ग्रीन एनर्जी की दिशा दिखाई है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बायोएनर्जी क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों को प्रदेश सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

किसानों के भविष्य पर नजर

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा अनाज उत्पादक राज्य है और यहां कृषि अपशिष्ट की उपलब्धता भी व्यापक है। इस अपशिष्ट को तकनीक और नवाचार के जरिए ऊर्जा के स्रोत में बदलना किसानों के लिए आय का नया माध्यम बन सकता है। उन्होंने इसे किसानों के आर्थिक भविष्य को मजबूत करने का बड़ा अवसर बताया।

राहुल गांधी पर सियासी हमला

कार्यक्रम के दौरान ए.के. शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय देश में हो रहे विकास और नवाचार को समझना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय, IIT और IIM को लेकर उनकी समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश अब विकास और तकनीकी नवाचार की राह पर आगे बढ़ रहा है।

गांव में रोजगार का मॉडल

ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत और गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा देने तथा प्रदेश में घरेलू स्तर पर करीब एक लाख छोटे बायोगैस प्लांट लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

₹1,000 करोड़ का समझौता

एक्सपो के दौरान केआईएस एवं पारस ग्रुप के साथ 1,000 करोड़ रुपये का एमओयू भी हस्ताक्षरित हुआ। कार्यक्रम में रिसर्च जर्नल और कृषि साहित्य का विमोचन किया गया। देश-विदेश से आए विशेषज्ञों और उद्यमियों ने सीबीजी, कृषि अपशिष्ट, ग्रामीण रोजगार और ग्रीन एनर्जी के भविष्य पर विचार साझा किए।

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