उत्तर प्रदेश

युवाओं के लिए भरोसे और अपनत्व का माहौल जरूरी: अमिताभ यश

‘Humming Classrooms & Notorious Corridors’ के विमोचन पर युवाओं की चुनौतियों और सुरक्षित माहौल पर मंथन

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

युवाओं के सामने बढ़ती प्रतिस्पर्धा, पढ़ाई का दबाव, अकेलापन और भावनात्मक संघर्ष आज गंभीर सामाजिक चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे माहौल में युवाओं को केवल सफलता का लक्ष्य देने के बजाय उन्हें भरोसा, अपनत्व और अपनी बात कहने की सुरक्षित जगह देना जरूरी है। यह बात उत्तर प्रदेश के एडीजी एसटीएफ एवं एडीजी (एलएंडओ) अमिताभ यश ने बुधवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही।

गोमतीनगर स्थित यूनिवर्सल बुकसेलर्स में शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता देवयानी कपूर की पुस्तक ‘Humming Classrooms & Notorious Corridors’ का विमोचन किया गया। इसके साथ ही ‘From Notorious Corridors to Nurturing Cultures: Reimagining Youth, Trust, and Belonging’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित हुई। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

पैनल में अमिताभ यश के साथ ला मार्टिनियर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य एवं युवा कार्यकर्ता कार्लाइल मैकफारलैंड, लखनऊ फार्मर्स मार्केट की सीईओ ज्योत्सना कौर हबीबुल्ला तथा यूनिवर्सल बुकसेलर्स के पार्टनर एवं पूर्व चेयरपर्सन स्टार्टअप एमएसएमई लखनऊ गौरव प्रकाश शामिल रहे। चर्चा का संचालन पुस्तक की लेखिका देवयानी कपूर ने किया।

युवाओं पर बढ़ते शैक्षणिक और सामाजिक दबाव का जिक्र करते हुए अमिताभ यश ने कहा कि आईटी, मेडिकल कॉलेज या अन्य संस्थानों में पढ़ने वाले कुछ युवा अत्यधिक दबाव के कारण गंभीर कदम उठा लेते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को झकझोरती हैं और यह सोचने के लिए मजबूर करती हैं कि युवाओं को किस तरह का वातावरण दिया जा रहा है।

उन्होंने जोर दिया कि युवाओं के लिए ऐसे संस्थागत और सामाजिक माहौल का निर्माण होना चाहिए, जहां वे बिना डर अपनी परेशानियां साझा कर सकें और उन्हें समय पर भरोसेमंद सहयोग मिल सके।

पैनल चर्चा में युवाओं के बीच बढ़ते तनाव, अकेलेपन, प्रतिस्पर्धा और भरोसे की कमी जैसे मुद्दों पर विस्तार से विचार हुआ। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का मकसद केवल अंक, डिग्री और करियर तक सीमित नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों के भावनात्मक, सामाजिक और मानवीय विकास को भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

लेखिका देवयानी कपूर ने कहा कि उनकी पुस्तक कक्षाओं और गलियारों में छिपी युवाओं की चुनौतियों, संघर्षों और कहानियों को सामने लाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि मजबूत और जुझारू युवा तैयार करने के लिए शिक्षा की नींव भरोसे और अपनत्व पर आधारित होनी चाहिए।

कार्यक्रम की शुरुआत चंदर प्रकाश और मानव प्रकाश द्वारा पैनल सदस्यों के स्वागत एवं पुष्पगुच्छ भेंट करने से हुई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी की। यूनिवर्सल बुकसेलर्स ने कहा कि लखनऊ में साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक संवाद को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे।

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