उत्तर प्रदेश

परिवहन निगम के आउटसोर्स कार्मिकों को राहत, मानदेय में 5% बढ़ोतरी

जुलाई से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय, सरकार ने कहा—कार्मिकों के हित और यात्री सुविधाएं दोनों प्राथमिकता

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |

उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उनके मानदेय में 5 प्रतिशत की वृद्धि की है। बढ़ा हुआ मानदेय जुलाई 2026 से लागू होगा। सरकार के इस निर्णय से कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार-कम-टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर के रूप में काम कर रहे कार्मिकों को आर्थिक राहत मिलेगी।

परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और कार्मिकों के हितों को लेकर संवेदनशील है। परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारू, आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने में आउटसोर्स कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

मंत्री के अनुसार आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में हर वर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। इसके तहत 5 प्रतिशत वृद्धि जनवरी और शेष 5 प्रतिशत वृद्धि जुलाई में देने की व्यवस्था है। इसी क्रम में जुलाई माह से अब 5 प्रतिशत बढ़ा हुआ मानदेय प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि परिवहन निगम की व्यवस्था केवल बसों और मार्गों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे बड़ी संख्या में तकनीकी और गैर-तकनीकी कार्मिक लगातार जिम्मेदारियां निभाते हैं। कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार-कम-टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर जैसे कर्मचारी निगम के दैनिक संचालन में तकनीकी आधार को मजबूत करते हैं।

सरकार का मानना है कि मानदेय में वृद्धि से इन कार्मिकों को आर्थिक संबल मिलेगा और वे अधिक उत्साह एवं प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे। इसका असर परिवहन निगम की कार्यक्षमता और यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं पर भी पड़ने की उम्मीद है।

परिवहन मंत्री ने कहा कि निगम को बेहतर, आधुनिक और यात्री-केंद्रित बनाने में प्रत्येक कार्मिक का योगदान महत्वपूर्ण है। सरकार की यह पहल कर्मचारियों के हितों के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी एक कदम है।

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