डिजिटल भुगतान में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर
उज्बेकिस्तान में भी अब गूंजेगा यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) का डंका

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
भारतीय फिनटेक क्रांति ने एक बार फिर वैश्विक फलक पर अपनी अद्वितीय धमक दर्ज कराई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अंतरराष्ट्रीय शाखा एनपीआईएल (NIPL) ने उज्बेकिस्तान की राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली ‘हुमो’ (HUMO) का संचालन करने वाले नेशनल इंटरबैंक प्रोसेसिंग सेंटर (NIPC) के साथ एक ऐतिहासिक वाणिज्यिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. भारत के प्रधानमंत्री की उज्बेकिस्तान की द्विपक्षीय यात्रा के दौरान की गई इस घोषणा से अब वहां जाने वाले भारतीय पर्यटकों, व्यापारियों और छात्रों के लिए वित्तीय लेन-देन बेहद सुगम हो गया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सेंट्रल बैंक ऑफ उज्बेकिस्तान (CBU) की वैधानिक स्वीकृतियों के बाद हुई यह साझेदारी दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगी.
इस नई व्यवस्था के तहत, उज्बेकिस्तान की राष्ट्रीय अंतर-संचालनीय क्यूआर प्रणाली ‘UZQR’ को यूपीआई से एकीकृत किया गया है. अब भारतीय यात्री वहां किसी भी खुदरा दुकान, होटल या सेवा केंद्र पर अपने जाने-पहचाने यूपीआई-सक्षम ऐप के माध्यम से केवल क्यूआर कोड स्कैन करके पलक झपकते ही मर्चेंट भुगतान कर सकेंगे. इससे विदेशी मुद्रा रूपांतरण के झंझट और अंतरराष्ट्रीय कार्डों तथा भारी-भरकम नकदी पर निर्भरता से पूरी तरह निजात मिलेगी. इसके साथ ही उज्बेकिस्तान अब उन चुनिंदा दस देशों (सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और ग्रीस) की प्रतिष्ठित सूची में शामिल हो गया है, जहां भारतीय यात्री यूपीआई के जरिए अपनी सीमा पार यात्रा को पूरी तरह आसान और कैशलेस बना सकते हैं.



