
PMLA के अनुपालन में लापरवाही का आरोप, अवैध रूप से संचालित एप और URL हटाने के निर्देश; निवेशकों के लिए जोखिम की चेतावनी
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
भारत में क्रिप्टो कारोबार से जुड़े 15 वर्चुअल डिजिटल एसेट सेवा प्रदाताओं पर वित्तीय खुफिया इकाई-भारत (FIU-IND) ने सख्ती दिखाई है। FIU-IND के निदेशक ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) की धारा 13 के तहत इन संस्थाओं को गैर-अनुपालन के संबंध में नोटिस जारी किए हैं। एजेंसी के मुताबिक, संबंधित संस्थाएं भारत में लागू PMLA प्रावधानों का पालन किए बिना काम कर रही थीं।
नोटिस पाने वाली संस्थाओं में Weex, Blofin, Rezorex, Bitunix, DigiFinex, Toobit, XT.com, Latoken, WOO X, Pionex, ChangeNow, SimpleSwap, Fixedfloat, WhiteBIT और Guardarian शामिल हैं। FIU-IND ने इनके साथ ही संबंधित एप्लीकेशन और URL को सार्वजनिक पहुंच से हटाने के लिए भी नोटिस जारी किए हैं।
FIU-IND के अनुसार, ये संस्थाएं भारत में लागू धन शोधन रोधी नियमों का पालन किए बिना अवैध रूप से संचालित पाई गईं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(b) और संबंधित नियमों के तहत निदेशक ने एप और URL हटाने की कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किए हैं।
भारत में वर्चुअल डिजिटल एसेट सेवा प्रदाताओं को मार्च 2023 से धन शोधन रोधी और आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने वाले ढांचे के दायरे में लाया गया है। FIU-IND के अनुसार, भारत में काम करने वाले ऐसे सेवा प्रदाता, चाहे वे देश के भीतर हों या विदेश से संचालन कर रहे हों, उन्हें रिपोर्टिंग इकाई के रूप में पंजीकरण कराना और PMLA के तहत निर्धारित दायित्वों का पालन करना आवश्यक है।
इन दायित्वों में वर्चुअल डिजिटल एसेट और फिएट करेंसी के बीच विनिमय, डिजिटल एसेट का हस्तांतरण, उनकी सुरक्षा या प्रशासन तथा ऐसे उपकरणों से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं, जो डिजिटल एसेट पर नियंत्रण प्रदान करते हैं। FIU-IND ने स्पष्ट किया कि ये नियम गतिविधि के आधार पर लागू होते हैं और भारत में भौतिक उपस्थिति होना अनिवार्य शर्त नहीं है।
FIU-IND ने आम जनता को क्रिप्टो उत्पादों और NFT को लेकर सावधान किया है। एजेंसी के अनुसार, ये उत्पाद अनियमित और अत्यधिक जोखिमपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे लेनदेन में नुकसान होने पर नियामकीय राहत का रास्ता उपलब्ध न भी हो सकता है।
सरकार की कार्रवाई के बाद संबंधित प्लेटफॉर्मों के संचालन, अनुपालन और सार्वजनिक पहुंच को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। FIU-IND की चेतावनी निवेशकों के लिए यह संकेत है कि डिजिटल एसेट से जुड़े लेनदेन में जोखिमों को समझे बिना कदम उठाना भारी पड़ सकता है।



