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सुर, साज और संस्कृतियों के रंग से सजा लखनऊ, ‘स्पंदन’ ने बांधा समां

प्रदर्शनी में लाइफस्टाइल, ज्वेलरी और फेस्टिवल उत्पाद रहे आकर्षण

गायन, सुगम संगीत, नृत्य और सेमी-क्लासिकल प्रस्तुतियों ने जीता दिल

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

नवाबों के शहर लखनऊ में कला, संस्कृति और संगीत का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने माहौल को रचनात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। गोमती नगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान में “स्पंदन—सुर साज संस्कृतियों का वंदन” नाम से सांस्कृतिक प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भारतीय कला और संगीत की समृद्ध परंपरा को जीवंत कर दिया।

आयोजन के दौरान गायन, सुगम संगीत, नृत्य और सेमी-क्लासिकल जैसी विभिन्न विधाओं में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। सुरों की मिठास, नृत्य की लय और कलाकारों की सधी हुई प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रस्तुतियों की सराहना की।

‘स्पंदन’ का मंच केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने कला और संस्कृति को संवाद का माध्यम भी बनाया। आयोजन का उद्देश्य अलग-अलग सांस्कृतिक विधाओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना और भारतीय कला, परंपरा तथा सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना रहा।

कार्यक्रम के साथ आयोजित प्रदर्शनी भी दर्शकों के लिए खास आकर्षण बनी रही। इसमें फेस्टिवल सामग्री, लाइफस्टाइल उत्पाद, ज्वेलरी और पैकिंग प्रोडक्ट्स को प्रदर्शित किया गया। कला के साथ रचनात्मक उत्पादों की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. योगेश विमल ने कार्यक्रम में शिरकत कर कलाकारों और आयोजकों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने आयोजन से जुड़े प्रयासों की सराहना की और कला एवं संस्कृति के संरक्षण तथा प्रोत्साहन की दिशा में ऐसे मंचों को महत्वपूर्ण बताया।

शिव संस्कृति कला फाउंडेशन, भवानी संस्कृति संस्थान और नूपुर डांस अकादमी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने लखनऊ की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दी। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि जब संगीत, कला और संस्कृति एक मंच पर आते हैं तो प्रतिभाओं को पहचान मिलने के साथ समाज में अपनी विरासत के प्रति जुड़ाव भी मजबूत होता है।

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