हेल्थ

आयुष उद्योग को नई रफ्तार देने पर जोर

ई-औषधि और नियामक सुधारों पर मंथन

लखनऊ में आयुष रेगुलेटरी कॉन्क्लेव 2026; 100 से अधिक निर्माताओं और उद्यमियों ने लिया हिस्सा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

आयुष उद्योग को मजबूत बनाने, नियामकीय प्रक्रियाओं को आसान करने और छोटे एवं मध्यम उद्यमों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान तलाशने के उद्देश्य से राजधानी लखनऊ में आयुष रेगुलेटरी कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया गया। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) की आयुष सब-कमेटी की ओर से IIA भवन, गोमती नगर में आयोजित कॉन्क्लेव में प्रदेश भर से 100 से अधिक आयुष निर्माता और उद्यमी शामिल हुए।

कॉन्क्लेव का आयोजन आयुष मंत्रालय, भारत सरकार और आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में ई-औषधि पोर्टल, लाइसेंसिंग प्रक्रिया, औषधि नियमन, गुणवत्ता मानकों, MSME की चुनौतियों और आयुष उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर विचार-विमर्श हुआ।

IIA के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने कहा कि आयुष उद्योग MSME क्षेत्र का मजबूत स्तंभ है। उन्होंने कहा कि IIA का प्रयास है कि नियामकीय सुधारों से जुड़े मुद्दों और MSMEs की आवाज को प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंचाया जाए। उनके अनुसार कॉन्क्लेव उद्योग और सरकार के बीच संवाद का मजबूत सेतु बनेगा।

IIA महासचिव दीपक बजाज ने कहा कि संगठन उद्यमियों को शासन-प्रशासन के साथ सीधे संवाद का मंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने आयुष क्षेत्र के इस कॉन्क्लेव को अपनी तरह की पहली पहल बताते हुए इसे हर वर्ष आयोजित करने की बात कही।

कॉन्क्लेव के संयोजक एवं आयुष सब-कमेटी के चेयरमैन रितेश श्रीवास्तव ने ई-औषधि पोर्टल को पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि पोर्टल के क्रियान्वयन में MSMEs के सामने आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करना जरूरी है।

आयुष मंत्रालय के संयुक्त सलाहकार डॉ. देबाशीष पांडा ने AOGUSY और ई-औषधि के माध्यम से आयुष उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया। दिल्ली सरकार के सहायक औषधि नियंत्रक डॉ. विजय गर्ग ने लाइसेंसिंग में पारदर्शिता और दस्तावेजों की गुणवत्ता पर जोर दिया। उत्तर प्रदेश के औषधि निरीक्षक डॉ. सुदीप वर्मा ने MSME आयुष निर्माताओं को सरकार के सहयोग का भरोसा दिया।

BIS के मयंक श्रीवास्तव ने मानकों के पालन को उत्पाद गुणवत्ता और निर्यात क्षमता बढ़ाने की कुंजी बताया। समापन पर IIA वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने सभी विशेषज्ञों, विभागों, मॉडरेटरों और प्रतिभागियों का आभार जताया। कार्यक्रम के सफल संचालन में मुख्य मॉडरेटर अरुण श्रीवास्तव तथा सत्र मॉडरेटर अभिजात शिखर, गगन वोहरा और शिवम गोयल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। IIA कोषाध्यक्ष अवधेश अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

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