अमरोहा में 25 साल पुराने सपा गढ़ को चुनौती
भाजपा नेता बब्बू मंसूरी ने महबूब अली की हार का किया दावा

विधायक महबूब अली के सामने भाजपा ने बढ़ाई सियासी सक्रियता, बब्बू मंसूरी बोले—इस बार बदल सकता है अमरोहा का चुनावी समीकरण
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अमरोहा विधानसभा सीट संख्या 41 पर आगामी चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। करीब 25 वर्षों से समाजवादी पार्टी के प्रभाव वाली इस सीट पर मौजूदा विधायक महबूब अली लंबे समय से राजनीतिक पकड़ बनाए हुए हैं। वह कई बार विधायक रहने के साथ प्रदेश सरकार में मंत्री और कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
अब भारतीय जनता पार्टी के नेता और मंसूरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी बब्बू मंसूरी ने अमरोहा की राजनीति में बड़ा दावा करते हुए कहा है कि इस बार मौजूदा विधायक महबूब अली की हार सुनिश्चित है। उनके इस बयान के बाद विधानसभा क्षेत्र की सियासी चर्चा को नई धार मिल गई है।
अमरोहा विधानसभा में लंबे समय से सपा के मजबूत जनाधार और महबूब अली की व्यक्तिगत राजनीतिक पकड़ को देखते हुए भाजपा नेता का यह दावा सीधे तौर पर पुराने चुनावी समीकरण को चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, बब्बू मंसूरी के दावे को फिलहाल राजनीतिक आकलन और चुनावी दावा ही माना जा सकता है। चुनाव परिणाम का फैसला मतदाताओं के रुख से ही होगा।
भाजपा नेता का कहना है कि इस बार क्षेत्र में राजनीतिक परिस्थितियां बदली हैं और मतदाताओं के बीच नए विकल्प को लेकर चर्चा बढ़ी है। उनके बयान ने यह संकेत भी दिया है कि भाजपा अमरोहा में लंबे समय से कायम सपा के प्रभाव को कमजोर करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
दूसरी ओर, महबूब अली की लगातार चुनावी मौजूदगी और क्षेत्र में उनकी मजबूत पहचान भाजपा के लिए आसान चुनौती नहीं है। ऐसे में आगामी चुनाव में संगठन की ताकत, स्थानीय मुद्दे, सामाजिक समीकरण और मतदाताओं का रुझान निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
अमरोहा की राजनीति में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा पुराने सपा गढ़ में सेंध लगाने में कामयाब होगी या महबूब अली अपनी राजनीतिक पकड़ कायम रखते हुए एक बार फिर मुकाबले में बढ़त बनाएंगे। फिलहाल बब्बू मंसूरी के दावे ने चुनावी माहौल को जरूर गरमा दिया है।



