राजनीति

यूपी में चंद्रशेखर का चुनावी शंखनाद: ‘बुलडोजर राज और फर्जी एनकाउंटर की कराएंगे निष्पक्ष जांच’

नगीना से ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’ का आगाज़; गुजरात मॉडल के मुकाबले चंद्रशेखर ने पेश किया ‘नगीना मॉडल’

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क, नगीना (बिजनौर) (4 जून 2026): उत्तर प्रदेश की सियासत में साल 2027 के विधानसभा चुनाव की तपिश अभी से महसूस होने लगी है। आजाद समाज पार्टी (आसपा) के सुप्रीमो और स्थानीय सांसद चंद्रशेखर ने आज बिजनौर के नगीना से अपनी महत्वाकांक्षी और प्रदेशव्यापी “सत्ता परिवर्तन यात्रा” का धुआंधार आगाज़ कर दिया है। नगीना में आयोजित एक विशाल रैली में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर ने बड़ा दावा किया कि साल 2027 में उत्तर प्रदेश के भीतर आसपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने जा रही है। उन्होंने भीड़ में जोश फूंकते हुए कहा, “आप अपने अगले आठ महीने मुझे दीजिए, और अगले साल मैं आपको आसपा की सरकार बनाकर दूंगा।” उन्होंने हुंकार भरी कि सरकार आते ही सूबे में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर और बुलडोजर से मकान तोड़े जाने की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

गुजरात मॉडल बनाम नगीना मॉडल: चुनावी लोक-लुभावन वादों की झड़ी

चंद्रशेखर ने भाजपा के विकास मॉडल पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि 2014 से देश और प्रदेश में गुजरात मॉडल का हश्र सब देख चुके हैं, जहां जाति और धर्म के नाम पर जुल्म हो रहा है। अब यूपी गुजरात मॉडल से नहीं, बल्कि ‘नगीना मॉडल’ से चलेगा:

  • नगीना मॉडल का अर्थ: इसका मतलब एक ऐसी संवैधानिक सरकार से है जो जुल्म-ज्यादती और तानाशाही के बजाय कानून के दायरे में काम करेगी।
  • मुफ्त बिजली और न्यूनतम वेतन: आसपा सुप्रीमो ने घोषणा की कि उनकी सरकार बनते ही हर घर को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी और सभी को न्यूनतम 753 रुपये दैनिक वेतन (Daily Wage) मिलना कानूनी रूप से सुनिश्चित होगा।

शराबबंदी, पुरानी पेंशन और संविदा कर्मियों को स्थायी नौकरी का दांव

अपने विस्तृत घोषणापत्र रूपी संबोधन में चंद्रशेखर ने समाज के हर वर्ग को साधने के लिए कई बड़े वादे किए। उन्होंने कहा कि आसपा सरकार में कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा और संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह मुफ्त होंगी। इसके साथ ही प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाएगी, बैकलॉग के खाली पद भरे जाएंगे और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को तुरंत बहाल किया जाएगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों के लिए 8 घंटे की ड्यूटी व साप्ताहिक अवकाश और संविदा कर्मियों (Contractual Workers) को स्थायी नौकरी देने का भी भरोसा दिया। पेपर लीक पर पूर्ण रोक और वार्षिक परीक्षा कैलेंडर लागू करने का वादा कर उन्होंने युवाओं को आकर्षित करने की कोशिश की।

प्रशासनिक अड़चनों पर बरसे सांसद: यात्रा को रोकने और बैनर फाड़े जाने के प्रशासनिक हथकंडों पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए चंद्रशेखर ने कहा, “मैं जानता हूं कि दो दिन पहले सूबे के मुखिया यहां आए थे और इशारा करके गए हैं कि यह यात्रा सफल नहीं होनी चाहिए। लेकिन हम पुलिस और प्रशासन की घुड़कियों से डरने वाले नहीं हैं।”

महिला पंचायत से लिया आशीर्वाद: ‘आधी आबादी’ को राज्य कर्मचारी का दर्जा

रैली की शुरुआत से ठीक पहले चंद्रशेखर गुरु रविदास मंदिर में आयोजित एक विशाल महिला पंचायत में पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े और पवित्र कार्य की शुरुआत मां और बहनों के आशीर्वाद से होनी चाहिए।

  • महिला सशक्तिकरण: चंद्रशेखर ने महिलाओं से घर-घर जाकर आसपा को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने वादा किया कि सरकार आने पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनेंगे, संविदा पर काम कर रहीं आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ‘राज्य कर्मचारी’ का दर्जा दिया जाएगा तथा हर महिला को रोजगार का मुफ्त प्रशिक्षण मिलेगा।

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