ओ.पी. राजभर ने ‘स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु’ को बनाया जनआंदोलन
यूपी के गांवों में पर्यावरण की महा-क्रांति: ओ.पी. राजभर ने 'स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु' को बनाया जनआंदोलन

50 हजार से अधिक पंचायतों में गूंजा मिशन लाइफ का संकल्प, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से मनेगा पर्यावरण दिवस
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचलों को कचरा मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए योगी सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के उपलक्ष्य में 1 जून से 5 जून तक प्रदेशव्यापी ‘स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु’ (SGSJ) अभियान का आयोजन किया जा रहा है। आज लखनऊ में अभियान की समीक्षा करते हुए प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री श्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि यह अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का एक अभूतपूर्व जनआंदोलन बन चुका है।
इस पांच दिवसीय अभियान का मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में समुदाय आधारित स्वच्छता को मजबूत करना, ठोस एवं तरल अपशिष्ट (Solid and Liquid Waste) प्रबंधन को पटरी पर लाना और सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को पूरी तरह से बंद करना है।
तारीख-दर-तारीख: 5 दिनों के भीतर इस तरह बदला गांवों का स्वरूप
मिशन निदेशक श्रीमती गुंजन द्विवेदी के कुशल मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत प्रतिदिन के हिसाब से माइक्रो-प्लानिंग के जरिए जमीनी स्तर पर काम किया गया है:
- 01 जून (पहले दिन की कार्यशाला): जिलाधिकारियों (DM) और डीपीआरओ की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रिकॉर्ड 50,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें 2.13 लाख से अधिक लोगों ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) नियम-2026 पर चर्चा की।
- 02 जून (परिसंपत्तियों का मूल्यांकन): करीब 24,815 ग्राम पंचायतों में 1.35 लाख से अधिक ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने जमीन पर उतरकर सामुदायिक कचरा प्रबंधन संयंत्रों और परिसंपत्तियों की कार्यशीलता का भौतिक सत्यापन (Verification) किया।
- 03 जून (BWG की पहचान): कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक रूप देने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर 7,824 बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) की सूची तैयार की गई, ताकि भारी मात्रा में कचरा निकालने वाले स्रोतों पर नजर रखी जा सके।
- 04 जून (जनजागरूकता का महा-अभियान): आज प्रदेशभर के गांवों में प्रभात फेरियों, नुक्कड़ नाटकों, पेंटिंग प्रतियोगिताओं और संवाद के जरिए ग्रामीणों को कचरा पृथक्करण (Waste Segregation) और किचन गार्डन के प्रति जागरूक किया गया।
05 जून को विशेष ग्राम सभा: ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी’
अभियान के अंतिम दिन यानी कल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।
हरित और स्वच्छ गांव: इस दिन “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत प्रदेशभर के गांवों में वृहद स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। इसके साथ ही ‘मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी’ पहल के अंतर्गत राज्य के सभी 826 ब्लॉकों द्वारा चयनित तालाबों के आसपास सघन सफाई और पौधारोपण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण भारत एक सतत और हरित भविष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ा सके।



