“केवल पेपर छपवाने से काम नहीं चलेगा, समाज को समाधान दो”- डॉ. जितेंद्र सिंह
IIT गांधीनगर में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का महाधमाका; लॉन्च किए 3 नए रिसर्च क्लस्टर और सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
भारत को साल 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प के साथ देश के रिसर्च और इनोवेशन सेक्टर में एक बहुत बड़ा और धुआंधार बदलाव शुरू हो गया है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने 11 जून 2026 को आईआईटी गांधीनगर में एक हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के दौरान देश के तकनीकी भविष्य को बदलने वाली कई बड़ी पहलों का अनावरण किया। उन्होंने यहाँ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा वित्तपोषित अत्याधुनिक ‘सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी’ (CIF) का उद्घाटन किया और इसके साथ ही 3 नए पावरहाउस रिसर्च क्लस्टर भी लॉन्च किए।
इन क्लस्टर्स में एडवांस्ड मैटेरियल्स रिसर्च क्लस्टर (AMRC), एनर्जी रिसर्च क्लस्टर (ERC), और हेल्थकेयर एंड मेडटेक रिसर्च क्लस्टर (HMRC) शामिल हैं। इस अभूतपूर्व पहल की सबसे बड़ी और मसालेदार बात यह है कि देश की लगभग 70 दिग्गज कंपनियां इस मिशन में ‘फाउंडर पार्टनर्स’ के रूप में शामिल हुई हैं, जो अकादमिक जगत और इंडस्ट्री के बीच एक ऐतिहासिक साझेदारी को दर्शाता है।
कार्यक्रम को धुआंधार अंदाज में संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को सीधा और कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विज्ञान का असली मकसद केवल बड़े-बड़े शोध पत्र (पब्लिकेशन) छपवाना नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रयोगशालाओं से निकलकर समाज की असली समस्याओं का समाधान खोजना होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कंपनियों को रिसर्च के पूरे होने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि शुरुआत (कॉन्सेप्ट स्टेज) से ही वैज्ञानिकों के साथ हाथ मिलाना चाहिए ताकि नई तकनीकों को तुरंत बाजार और जनता तक पहुंचाया जा सके।
मंत्री महोदय ने सरकार की 1 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम आरडीआई (RDI) पहल और नेशनल क्वांटम मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि आज का भारत तकनीक के मामले में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। आईआईटी गांधीनगर का यह नया ढांचा देश के सेमीकंडक्टर मिशन को भी जबरदस्त रफ्तार देगा।



