मज़दूरों के ‘अच्छे दिन’ अब भी दूर? मायावती का तीखा सवाल
आउटसोर्सिंग-हायर एंड फायर से घिरा श्रमिक वर्ग, सरकारों से जवाबदेही की मांग

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |
Mayawati ने May Day के अवसर पर देश के मजदूरों और मेहनतकश वर्ग की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि तमाम प्रयासों के बावजूद श्रमिकों की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है, जिससे “मई दिवस” का महत्व आज भी पहले जितना ही प्रासंगिक बना हुआ है।
उन्होंने देशभर के पुरुष और महिला श्रमिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रोज़मर्रा के संघर्षों में जुटे इस वर्ग को बेहतर जीवन मिलना अभी भी एक अधूरा सपना है। मायावती ने “अच्छे दिन” की कामना दोहराते हुए यह संकेत दिया कि जमीनी हकीकत अभी भी उम्मीदों से काफी दूर है।
देश निर्माण में श्रमिकों के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने B. R. Ambedkar के प्रयासों को याद किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने आज़ादी से पहले और बाद में मजदूरों के अधिकारों और उनके सम्मानजनक जीवन के लिए ठोस कदम उठाए थे, लेकिन वर्तमान समय में नई आर्थिक नीतियों ने श्रमिकों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
मायावती ने विशेष रूप से आउटसोर्सिंग, दैनिक वेतन व्यवस्था और “हायर एंड फायर” जैसी प्रथाओं को श्रमिकों की अस्थिरता का बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं के कारण न केवल रोजगार असुरक्षित हुआ है, बल्कि मजदूरों के परिवारों की शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।
महिला श्रमिकों की स्थिति पर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि उन्हें सुरक्षित कार्य वातावरण अब भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं है, जो एक गंभीर सामाजिक मुद्दा है।
अंत में Mayawati ने सभी सरकारों से अपील की कि देश के विकास में मजदूर वर्ग की उचित भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी दोहराया कि बहुजन समाज पार्टी का संघर्ष हमेशा मेहनतकश वर्ग के अधिकारों के लिए समर्पित रहा है और आगे भी रहेगा।



