RBI का बड़ा मास्टरस्ट्रोक: ‘मिशन सक्षम’ से को-ऑपरेटिव बैंकों को मिलेगी नई ताकत
1.40 लाख बैंकिंग प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग, UCB सेक्टर में पारदर्शिता और मजबूती का नया दौर

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
देश के शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत और सक्षम बनाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ‘मिशन सक्षम’ (SAHKARI BANK KSHAMTA NIRMAN) की शुरुआत कर एक बड़ा कदम उठाया है। यह पहल मिशन मोड में पूरे देश में लागू की जाएगी, जिसका उद्देश्य अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों (UCBs) की क्षमता निर्माण, संचालन दक्षता और जोखिम प्रबंधन को नई ऊंचाई तक ले जाना है।
‘सक्षम’ यानी ‘काबिल बनाना’—इसी सोच के साथ तैयार किए गए इस मिशन के तहत करीब 1.40 लाख प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें बोर्ड मेंबर्स, वरिष्ठ प्रबंधन, जोखिम, अनुपालन और ऑडिट विभाग के प्रमुखों के साथ-साथ आईटी और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को शामिल किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑफलाइन और ई-लर्निंग दोनों माध्यमों से आयोजित होंगे, जिससे देशभर के बैंक कर्मियों को व्यापक रूप से लाभ मिल सके।
RBI की यह पहल ऐसे समय में आई है जब सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत निगरानी और बेहतर गवर्नेंस की जरूरत महसूस की जा रही है। मिशन सक्षम के जरिए न केवल प्रबंधन क्षमता को बढ़ाया जाएगा, बल्कि अनुपालन संस्कृति को भी मजबूत किया जाएगा, जिससे वित्तीय प्रणाली में भरोसा बढ़ेगा।
इस मिशन की एक खास बात यह भी है कि प्रशिक्षण सामग्री को क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो सके। इसे UCBs के अम्ब्रेला संगठन और राष्ट्रीय व राज्य सहकारी संघों के साथ परामर्श कर डिजाइन किया गया है, जिससे इसकी उपयोगिता और प्रभावशीलता बढ़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल सहकारी बैंकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। इससे संस्थागत मजबूती, जोखिम प्रबंधन में सुधार और डिजिटल बैंकिंग के क्षेत्र में दक्षता बढ़ेगी। साथ ही, यह मिशन एक स्थायी और आत्मनिर्भर प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करेगा, जो भविष्य में निरंतर सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देगा।
कुल मिलाकर, RBI का ‘मिशन सक्षम’ न केवल सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को सशक्त करेगा, बल्कि देश की वित्तीय स्थिरता और समावेशी विकास को भी नई गति देगा।



