सोने की बिक्री घटने की आशंका से सर्राफा कारोबारियों में चिंता
जीएसटी नोटिस और घटती बिक्री पर व्यापारियों ने सरकार को चेताया

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
Narendra Modi द्वारा हाल के दिनों में सोने को लेकर दिए गए बयानों के बाद उत्तर प्रदेश में सर्राफा कारोबारियों की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे पर Yogi Adityanath के निर्देश पर राज्य कर विभाग और सर्राफा व्यापारियों के बीच गोमतीनगर स्थित राज्य कर कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव कर कामिनी रतन चौहान और वरिष्ठ अधिकारी नितिन बंसल ने की। इसमें उत्तर प्रदेश सर्राफा व्यापार मंडल और इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर व्यापार से जुड़ी समस्याओं और संभावित आर्थिक प्रभावों को सरकार के समक्ष रखा।
व्यापारियों की ओर से कहा गया कि यदि सोने के आभूषणों की बिक्री में गिरावट आती है तो इसका सीधा असर राज्य सरकार के जीएसटी राजस्व पर भी पड़ेगा। बैठक में कारोबारी नेताओं ने यह आशंका जताई कि बिक्री घटने की स्थिति में जीएसटी विभाग द्वारा व्यापारियों को “कारण बताओ नोटिस” जारी कर परेशान किया जा सकता है।
व्यापारी प्रतिनिधि आदीश कुमार जैन सर्राफ ने कहा कि विभाग अक्सर पिछले महीनों की तुलना में कम बिक्री होने पर कर अपवंचना के संदेह में नोटिस जारी करता है। उन्होंने चिंता जताई कि बाजार की वास्तविक स्थिति और मांग में कमी को समझे बिना यदि नोटिसों का दबाव बढ़ा तो सर्राफा व्यापार और अधिक प्रभावित हो सकता है।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने व्यापारियों की चिंाओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि उनके सुझाव मुख्यमंत्री तक पहुंचाए जाएंगे और इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
राजनीतिक और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सोने के कारोबार में मंदी आती है तो इसका असर न केवल व्यापारियों बल्कि राज्य के राजस्व संग्रह पर भी दिखाई दे सकता है। वहीं व्यापारिक संगठनों का कहना है कि कर व्यवस्था में पारदर्शिता और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना बेहद आवश्यक है।



