RBI ने बैंकों को दी बड़ी राहत, CET1 कैपिटल नियमों में किया बड़ा बदलाव
तिमाही मुनाफे को पूंजी में जोड़ना हुआ आसान, NPA प्रावधान की शर्त हटने से बैंकों को फायदा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों के लिए पूंजी पर्याप्तता (CRAR) से जुड़े नियमों में अहम संशोधन करते हुए नई Amendment Directions जारी की हैं। इस फैसले के तहत अब बैंकों को Common Equity Tier 1 (CET1) कैपिटल की गणना में तिमाही मुनाफे को शामिल करने के लिए गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) पर अतिरिक्त प्रावधान से जुड़ी पुरानी शर्त का पालन नहीं करना होगा। RBI के इस कदम को बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
आरबीआई ने बताया कि 8 अप्रैल 2026 को जारी ड्राफ्ट Amendment Directions पर प्राप्त सुझावों और प्रतिक्रियाओं की समीक्षा के बाद अंतिम संशोधन लागू किए गए हैं। पहले वाणिज्यिक बैंक (Local Area Banks और Regional Rural Banks को छोड़कर) तभी अपने चालू वित्तीय वर्ष के तिमाही लाभ को CRAR कैलकुलेशन में शामिल कर सकते थे, जब पिछले वित्तीय वर्ष की चार तिमाहियों में किए गए NPA प्रावधान औसत से 25 प्रतिशत से अधिक विचलित न हों।
अब RBI ने इस शर्त को पूरी तरह समाप्त कर दिया है, जिससे बैंकों के लिए पूंजी प्रबंधन अधिक लचीला और आसान हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बैंकों की बैलेंस शीट को मजबूती मिलेगी और वे अपने पूंजी अनुपात को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर पाएंगे।
RBI द्वारा जारी किए गए संशोधित दिशानिर्देशों में “Commercial Banks – Prudential Norms on Capital Adequacy”, “Small Finance Banks – Prudential Norms on Capital Adequacy” और “Payments Banks – Prudential Norms on Capital Adequacy” से संबंधित Amendment Directions शामिल हैं।
बैंकिंग विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव विशेष रूप से उन बैंकों के लिए राहत भरा साबित होगा, जो बढ़ते NPA दबाव के बावजूद अपनी पूंजी स्थिति मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। इससे बैंकिंग सेक्टर में वित्तीय स्थिरता और पूंजी पर्याप्तता प्रबंधन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।



