मंत्रालय बंटवारे में देरी पर उठे सवाल, विपक्ष ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
‘डबल इंजन’ सरकार पर हमला, विभागों के बंटवारे को लेकर सियासी घमासान

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों के बंटवारे में हो रही देरी को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। विपक्षी नेताओं और सरकार विरोधी राजनीतिक वर्ग ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि मंत्रालयों के आवंटन को लेकर सत्ता के भीतर खींचतान चल रही है।
राजनीतिक बयान में दावा किया गया कि मंत्रियों के नाम तय होने के बाद अब विभागों की “पर्ची” भी ऊपर से तय की जा रही है। आरोप लगाया गया कि मंत्रालयों के बंटवारे में देरी की वजह विभागों से जुड़ी कथित “कमीशन व्यवस्था” और अंदरूनी शक्ति संघर्ष है। बयान में यह भी कहा गया कि हाल ही में बनाए गए नए मंत्री फिलहाल केवल इंतजार की स्थिति में हैं और उन्हें वास्तविक अधिकार मिलने में देरी हो रही है।
सरकार विरोधी पक्ष ने भाजपा की “डबल इंजन सरकार” पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सत्ता का केंद्रीकरण इतना बढ़ गया है कि अन्य मंत्रियों की भूमिका सीमित होती जा रही है। विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि जनता अब सरकार के हर फैसले और मंत्रालयों के कामकाज पर कड़ी निगरानी रखेगी।
बयान में यह भी कहा गया कि आम लोग और सामाजिक कार्यकर्ता अब सोशल मीडिया तथा सिटिजन जर्नलिज्म के जरिए कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज, ऑडियो और वीडियो सबूत जुटाने की तैयारी कर रहे हैं। आरोप लगाया गया कि भ्रष्टाचार रोकने वाली संस्थाएं प्रभावहीन हो चुकी हैं, इसलिए जनता खुद निगरानी की भूमिका निभाने को मजबूर है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंत्रिमंडल और विभागों के बंटवारे को लेकर जारी बयानबाज़ी आने वाले समय में और तेज़ हो सकती है। उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।



