आरबीआई ने हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस पर लगाया जुर्माना
प्रबंधन बदलाव में नियमों के उल्लंघन पर RBI की कार्रवाई

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
Reserve Bank of India ने नियामकीय निर्देशों के उल्लंघन के मामले में Hinduja Housing Finance Limited पर 1.80 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई ‘गवर्नेंस’ संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर की गई है।
आरबीआई ने बताया कि यह दंड राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 की धारा 52ए के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए लगाया गया है। कंपनी का वैधानिक निरीक्षण 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर किया गया था, जिसमें नियामकीय अनुपालन से जुड़ी कई कमियां सामने आईं।
जांच के दौरान यह पाया गया कि कंपनी ने प्रबंधन में बदलाव करते समय आरबीआई से पूर्व लिखित अनुमति नहीं ली। इस बदलाव के कारण स्वतंत्र निदेशकों को छोड़कर कंपनी के 30 प्रतिशत से अधिक निदेशकों में परिवर्तन हुआ था। आरबीआई के अनुसार यह उसके दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।
मामले में आरबीआई ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और पूछा था कि नियमों के उल्लंघन पर उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। कंपनी की ओर से दिए गए जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई में प्रस्तुत मौखिक दलीलों पर विचार करने के बाद केंद्रीय बैंक ने पाया कि आरोप सही हैं और दंड लगाया जाना उचित है।
आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय अनुपालन में पाई गई कमियों के आधार पर की गई है और इसका उद्देश्य कंपनी तथा उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी लेनदेन या समझौते की वैधता पर टिप्पणी करना नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया कि यह जुर्माना भविष्य में कंपनी के खिलाफ की जाने वाली अन्य संभावित कार्रवाइयों को प्रभावित नहीं करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई द्वारा हाल के समय में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और हाउसिंग फाइनेंस संस्थानों पर नियामकीय अनुपालन को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है। इससे वित्तीय संस्थानों में पारदर्शिता और बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।



