RBI की बड़ी कार्रवाई, 150 एनबीएफसी कंपनियों के लाइसेंस रद्द
वित्तीय अनियमितताओं पर सख्ती, गैर-बैंकिंग कंपनियों पर RBI का शिकंजा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
Reserve Bank of India ने देशभर की 150 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके पंजीकरण प्रमाणपत्र (Certificate of Registration) रद्द कर दिए हैं। रिज़र्व बैंक ने यह कदम भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-IA(6) के तहत उठाया है। इस कार्रवाई के बाद संबंधित कंपनियां अब गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान के रूप में कोई कारोबार नहीं कर सकेंगी।
आरबीआई द्वारा जारी सूची में दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, कर्नाटक, बिहार, हरियाणा और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों की कंपनियां शामिल हैं। बड़ी संख्या में कंपनियों का नाम सामने आने से वित्तीय क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। खासतौर पर कोलकाता और दिल्ली आधारित कई फाइनेंस एवं निवेश कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई वित्तीय क्षेत्र में पारदर्शिता और नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा संकेत है। हालांकि आलोचकों का कहना है कि वर्षों तक सक्रिय रहने वाली कई कंपनियों पर अचानक इतनी बड़ी कार्रवाई यह भी दर्शाती है कि निगरानी व्यवस्था पहले पर्याप्त प्रभावी नहीं थी।
सूची में शामिल कंपनियों में निवेश, फाइनेंस, ट्रेडिंग और लीजिंग सेवाओं से जुड़ी कई संस्थाएं शामिल हैं। आरबीआई के आदेश के बाद ये कंपनियां अब एनबीएफसी गतिविधियों का संचालन नहीं कर पाएंगी। इससे उन ग्राहकों और निवेशकों के बीच भी चिंता का माहौल है जिनका इन संस्थाओं से किसी न किसी रूप में जुड़ाव रहा है।
वित्तीय जानकारों का कहना है कि आम लोगों को किसी भी निवेश या फाइनेंस कंपनी से जुड़ने से पहले उसकी वैधता और आरबीआई पंजीकरण की जांच अवश्य करनी चाहिए। यह कार्रवाई गैर-नियामकीय गतिविधियों और संदिग्ध वित्तीय संचालन पर सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
आरबीआई की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देश में वित्तीय पारदर्शिता, निवेशकों की सुरक्षा और फर्जी वित्तीय नेटवर्क पर नियंत्रण को लेकर लगातार दबाव बढ़ रहा है।



