हेल्थ

मुफ्त हेल्थ कैंप की आड़ में अस्पताल प्रमोशन पर उठे सवाल

स्वास्थ्य सेवा या ब्रांड प्रचार? मेगा कैंप मॉडल पर बहस तेज

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

नववा परिसर में आयोजित फाह सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के मेगा हेल्थ चेकअप कैंप को लेकर अब स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ निजी अस्पतालों के प्रचार मॉडल पर भी सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल प्रशासन ने इस आयोजन को सामाजिक सेवा बताया, लेकिन जानकारों का कहना है कि इस तरह के बड़े कैंप कहीं न कहीं मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर आकर्षित करने की रणनीति भी बनते जा रहे हैं।

कैंप में जनरल मेडिसिन, कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, पीडियाट्रिक्स, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञों द्वारा मुफ्त परामर्श दिया गया। इसके अलावा ब्लड शुगर, ECG, ब्लड प्रेशर और रक्त जांच जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। जरूरतमंद मरीजों को दवाइयां भी वितरित की गईं।

हालांकि स्थानीय स्तर पर इस आयोजन को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने इसे समाजसेवा बताया, वहीं कई लोगों का कहना है कि ऐसे कैंपों के जरिए अस्पताल अपने ब्रांड की पहुंच बढ़ाने और भविष्य के मरीज तैयार करने का काम करते हैं। खासतौर पर कैंप से रेफर मरीजों को OPD, डायग्नोस्टिक्स और उपचार सेवाओं में विशेष छूट देने की घोषणा ने इस बहस को और तेज कर दिया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मुफ्त जांच शिविरों की पारदर्शिता और रेफरल प्रक्रिया पर स्पष्ट नियम होने चाहिए, ताकि सामाजिक सेवा और व्यावसायिक हितों के बीच संतुलन बना रहे।

फाह सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अहमद रजा खान ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है और यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।

कार्यक्रम में मोहम्मद अम्मार हसनी नदवी, कमाल अख्तर नदवी और मोहम्मद शरीफ का विशेष सहयोग रहा।

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